Saturday, November 26, 2016

मायावती जी का भाषण - दूध के धुले नहीं हैं नरेंद्र मोदी

मायावती जी का आज का भाषण - दूध के धुले नहीं हैं नरेंद्र मोदी, ललित मोदी और विजय माल्या को देश से भगाया,
साथ ही आज की नरेंद्र मोदी की ग़ाज़ीपुर की रैली बुरी तरह से फ्लॉप

नोटबंदी की आड़ में मोदी सरकार जनता को परेशान कर रही है।
सरकार के इस फैसले के चलते महिलाएं और बच्चे घंटों खुले आसमान के नीचे खड़े रहने को मजबूर हैं।
 मोदी कोई दूध के धुले नहीं हैं,
उन्होंने ललित मोदी और विजय माल्या को देश से बाहर भगा दिया।

बी.एस.पी. नोटबंदी के खिलाफ नहीं है, हम इस फैसले का स्वागत करते हैं, बल्कि हम आम लोगों को हो रही परेशानी के खिलाफ है।

मोदी सरकार अगले 1 माह तक धैर्य रखने की बात कहकर लोगों के जख्मों पर नमक छिड़क रही है।
 पीएम ने भ्रष्टाचार पर कहा कि बेईमानों से काली कमाई का हिसाब लिया जाएगा, लेकिन हमारी पार्टी का कहना है कि देश की जनता हर प्रकार के भ्रष्टाचार से स्थाई मुक्ति चाहती है।
आम जनता ने कांग्रेस को केंद्र से इस उम्मीद से बाहर कर दिया था कि उसे भ्रष्टाचार से मुक्ति मिलेगी। पीएम काला धन और करप्शन पर अंकुश लगाने की आड़ में जनता को खुले आसमान के नीचे खड़ा करवा रही है।
किसी ने भी इस भयावह स्थिति की कल्पना नही की थी।

 मोदी सरकार ने देश में 66 हजार करोड़ के कालेधन को सफेद करवा दिया। किसी का भी काला चेहरा जनता के सामने नहीं आया। सरकार ने नोट पाबंदी लगाकर गरीबों, मरीजों को भारी मुसीबत में डालकर घंटों खड़ा करके गलत काम किया है।
साथ ही आज की मोदी की गाजीपुर की रैली को पूरी तरह से फ्लॉप, उनके भाषण को 'थोथा चना, बाजे घना'।

पूरा भाषण पढ़ें -

बंधुओं गाजीपुर में बीजेपी की हुई आज की रैली बुरी तरह से फ्लॉप हुई है, इस रैली के बारे में वैसे आप लोगों को यह मालूम है कि बीजेपी के लोगों ने इस रैली को कामयाब बनाने के लिये पूरी ताकत लगाई थी जैसा की मुझे गाजीपुर के लोगों ने ये बताया है कि इस रैली में जो लोग ज्यादातर पहुँचे हैं वो बिहार के लोग हैं,
गाजीपुर बिलकुल बिहार से लगा हुआ है, पूरे पूर्वांचल के लोगों को इकट्ठा किया गया था।
लोग तो यह भी बता रहे हैं कि इन्होंने  ढाई वर्षों में जो कालाधन इकठ्ठा किया है, अपनकी पार्टी की फर्जी मेंबरशिप के जरिये तो उस पैसे से 250-250 रुपये लोगों को देकर ये लोग बसों में लाये हैं और रेलगाडियां इन्होंने फ्री कर दी।

जिन लोगों को लायें वो किराये से नही आये,
एक तरफ तो श्री नरेंद्र मोदी ये कहते हैं मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ हूँ तो वहीँ दूसरी तरफ तो इन्होंने जो सरकारी रेल हैं उसका राजनीतिकरण कर दिया और बिना भाड़े के, बिना किराये के रैली में लोगों को लाया गया,
क्या श्री नरेंद्र मोदी को भी जवाब देंगे, क्या अपनी गिरेबान में झांक कर देंगे?
 वो कितने दूध के धुले हैं,

मोदी दूसरों को सलाह देने से पहले ये बतायें कि वो भ्रष्टाचार के ऊपर अकुंश लगाने के मामले में वे अपने लिये  वो कितने साफ-सुथरे हैं? कितना वो अमल करते हैं पहले ये तो बतायें?

आज की जो गाजीपुर की रैली बुरी तरह से फ़ैल हुई है, अपनी पूरी ताकत लगाकर ये लोग एक लाख लोग भी भी इकट्ठा नही कर पाये,
मुश्किल से 20-25 हजार लोग ही इकट्ठा हो पाये जबकि पूरे बिहार की ताकत लगा दी, रेल फ्री कर दी, बसें फ्री कर दी, दिहाड़ी में लोग लाये गये और अपनी पूरी ताकत लगाकर ये रैली की जो कक बुरी तरीके से फ़ैल हुई है यह किसी से छिपने वाली नही हैं।

 श्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी की गाजीपुर की हुई रैली में अपने पूरे भाषण के दौरान, जितने समय भी उन्होंने भाषण दिया है अपने भाषण के दौरान जो कुछ भी कहा है वह पूर्ण रूप से "थोथा चना व बाजे घना" की तरह ही है।

सबसे पहले उन्होंने अपने भाषण में खासकर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलते हुये जो यह कहा है कि बेईमानों से आजादी के बाद से अब तक के काली-कमाई के हिसाब लिये जायेंगे, अच्छी बात है इस पर हमारी पार्टी का भी यह कहना है कि देश की आमजनता हर प्रकार के भ्रष्टाचार, कालाधन, जमाखोरी व राष्ट्रीय सम्पत्ति के लूट आदि के अभिशाप से स्थायी मुक्ति चाहती हैं।
इस भयावय स्थिति की कल्पना लोगों ने कभी नही की थी।

 वहीँ दूसरी तरफ केंद्र की भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचारी ललित मोदी व विजय माल्या को देश से भगा दिया, बाहर भेज दिया, विदेश भेज दिया। और साथ ही देश में हजार करोड़ रूपये के कालेधन को सफेद करवा दिया और उनमे से किसी का भी काला चेहरा आमजनता के सामने नही आने दिया।

किन्तु 500 व 1000 के नोटों पर पाबन्दी लगाकर देश के गरीबों, मजदूरों, किसानों, कर्मचारियों, महिलाओं, बच्चों, छात्रों, युवकों, मरीजों, लाचार लोगों को भारी मुसीबत में डालकर उन्हें घण्टो-घण्टों खुले आसमान में खड़ा करवाकर क़ानूनी तौर पर जनपीड़ा देने का ये गलत काम ये अवश्य ही इन्होंने किया है।

 इस प्रकार देश की आमजनता को क़ानूनी तौर पर ऐसी कड़ी सजा क्यों?
 इसका जवाब श्री नरेंद्र मोदी को जरूर देना होगा।

   इसके आलावा देश की लगभग समस्त आर्थिक गतिविधि व करोड़ों व छोटे मध्यम व्यवसाय को ठग करके या भारत बन्द का जो आयोजन भाजपा सरकार द्वारा किया गया जैसे हालात अब पैदा हो गये ऐसा लग रहा है जैसे भारत बन्द हो गया हो, अर्थात यहाँ भारत बन्द का जो आयोजन भाजपा सरकार द्वारा किया गया है उससे अच्छे दिन की उम्मीद लगाये बैठे करोड़ों लोगों को अब यहाँ काफी ज्यादा बुरे दिनों का सामना करना पड़ रहा है और आगे सब इस स्थिति में यथाशीघ्र मुक्ति चाहते हैं।
 इतना ही नही बल्कि केंद्र की सरकार द्वारा लोगों से एक महीने तक धैर्य रखने के लिये जो कहा जा रहा है वे सरकारी घोषणा वास्तव में लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा ही है ऐसा प्रतीत हो रहा है और अब यहाँ यह सवाल उठना स्वाभाविक ही है कि केंद्र की भाजपा सरकार को इतने अपरिपक्व तरीके से व कच्चे तरीके से जनसाधारण को इतना अत्याधिक प्रभावित करने वाले फैसले लेने में इतनी जल्दबाजी व आपाधापी करने की इतनी जरूरत क्या थी।

जब हम जल्दबाजी बोलते हैं तो कल प्रधानमंत्री जी बोल रहे थे कि हमने ये फैसला कोई जल्दबाजी में नही लिया है, उनका यह कहना था कि हमने यह फैसला सीक्रेट रखा और 10 महीने से इसकी तैयारी चल रही थी।

 मैं पूछना चाहती हूँ, (10 महीने का समय बहुत होता है)  प्रधानमंत्री जी से कि 10 महीने में यदि इनकी सही मायनों में तैयारी होती तो आज जो बुरा हाल है पूरे देश के अंदर लोगों को एक-एक हजार के नोट भी नहीं मिल रहे, एटीएम मशीनें खराब पड़ी हुई हैं, बैंकों से पैसा नही मिल रहा है।
मैं इनसे पूछना चाहती हूँ की 10 महीनों में जो ये नये नोट ला रहे थे वह कहाँ हैं?
 वो तो जनता के सामने आने चाहिये।

कभी ये छुट्टी का बहाना बनाते हैं, कभी बोलते हैं अभी पैसे आ रहे हैं थोडा इंतजार करो,
ऐसे ने जनता का  बहुत बुरा हाल है।
 पूरे देश के अंदर, तो ये आपाधापी जो मची हुई है, ये जो 10 महीनों की बात कर रहे हैं मैं समझती हूँ यह बिलकुल गलत है और 10 महीने का समय बहुत होता है, यदि 10 महीनों में इन्होंने पूरी तैयारी की होती तो ऐसी नोबत नहीं आती,

 इन्होंने 500 और 1000 के नोटों पर जो पाबन्दी लगाई है हमारी पार्टी इसके खिलाफ नही है हम इसका वेलकम करते हैं लेकिन ये फैसला लेने से पहले इनको पूरी तैयारी करनी चाहिये थी।

 यदि 10 महीनों की पूरी तैयारी होती तो 8 -9 तारिक से लेकर जो पूरे देश की जनता में जो हाहाकार मचा हुआ है, वे अपने  कामकाज भूल गये, बुरा हाल है देश के अंदर, त्राहि-त्राहि मची है, अफरा-तफरी का माहौल पैदा है। ऐसा लग रहा है जैसे भारत बन्द हो गया हो हालात बड़े ख़राब हैं तो मैं समझती हूँ ऐसे हालत पैदा नही होते।

    यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसी प्रकार की जिद्दीभरी व अपरिपक्व पूर्ण किसान-विरोधी फैसला, नया भूमिअधिग्रहण कानून बनाने के सम्बंध में भी पहले लिया था जैसे अब ये कच्चा फैसला लिया है, अपरिपक्व फैसला लिया है तो ये भी आप लोगों को याद होगा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसी प्रकार की जिद्दीभरी व अपरिपक्व पूर्ण किसान-विरोधी फैसला नया भूमिअधिग्रहण कानून बनाने के सम्बंध में भी पहले लिया था और उसके लिये एक ही अध्यादेश को अनेकों बार जारी करने जी जो हठधर्मी की थी, हालांकि बाद में भारी जनविरोध के मद्देनजर फिर इनको अपने उस फैसले को वापिस भी लेना पड़ा था, ये भी आप लोगों से छिपा नही है।

    इसके साथ ही इन्होंने देश में 500 व 1000 रूपये के नोटों पर बोलते हुये यह भी कहा कि कि मेरे इस फैसले से देश में अमीर नींद की गोलिया खाकर और गरीब चैन की नींद सो रहा है।

 इनका यह बयान पूर्णतया हवा-हवाई व खोखला है, इसके सिवाय कुछ नही है जबकि इस मामले में वास्तव में सच्चाई यह है कि इनके इस फैसले से देश में गरीब नींद की गोलिया खाकर और आमिर चैन की नींद सो रहे हैं, गरीब लोग या तो मारे-मारे घूम रहे हैं या लाइन लगाकर घूम रहे हैं।

 सही मायने में गरीब नींद की गोली खाकर अपने घर में भूखे-प्यासे हैं तथा आमिर लोग चैन से सो रहे हैं यह उनको बोलना चाहिये था जो इस समय के वर्तमान हालात हैं जिनकी मदद के लिये यानि कि जिन अमीर लोगों की मदद के लिये जो चैन की नींद से सो रहे हैं जिनकी मदद के लिये इन्होंने 500 व 1000 के नोटों पर प्रतिबन्ध लगाने से पहले अंदर-अंदर व्यवस्था भी कर दी थी ऐसी आम चर्चा ये लोगों में है।

मायावती जी हैं पूर्ण … ‘बौद्ध’

मायावती जी हैं पूर्ण … ‘बौद्ध’ ।
U.P. मे सरकार आने के बाद 'मायावती' ने जो ' जिले' बनवाए उनके नाम ::--
जिला, ‘गौतम बुद्ध नगर’
जिला, ‘महामाया नगर’
जिला ‘श्रावस्ती’ ,
जिला, ‘कोशाम्बी’
जिला, ‘प्रबुद्ध नगर’
जिला, ‘पंचशील नगर’,
जिला, ‘भीम नगर’,
जिला, ‘कुशीनगर’,
जिला, ‘वैशाली नगर’,
जिला, ‘आंबेडकर नगर’,
जिला, ‘महात्मा फुले नगर’,
जिला, ‘शाहू महाराज’ ,
जिला, ‘रमा बाई’ ,
जिला, ‘संत रविदास’,
जिला, ‘संत कबीर’,
जिला, कांशी राम नगर’
अब ‘विश्वविद्यालयो’ / ‘पार्को’ / ‘स्मारकों’ / ‘योजनाओ’ । ‘संग्रहालयों’ / ‘स्टेडियमों’ के नामो की ‘सूची’ देखते है ।
‘गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय’ (छ: हजार करोड़ की लागत से )
‘गौतम बुद्ध पार्क’, कानपूर ,
‘गौतम बुद्ध उद्दान’, इटावा ,
‘गौतम बुद्ध स्पोर्ट्स स्टेडीयम’, कुशीनगर,
‘महामाया स्पोर्ट्स स्टेडीयम’, गाजियाबाद,
‘गौतम बुद्ध नागरिक टर्मिनल’, बरेली,
‘महामाया महिला डिग्री कॉलेज’, बरेली,
‘महामाया महाविद्यालय’, ‘इण्टर कॉलेज’, तथा ‘कन्या जूनियर हाईस्कुल’, श्रावस्ती,
‘गौतम बुद्ध राजकीय डिग्री कॉलेज’, फ़ैजाबाद ‘यशोधरा महिला विद्यालय’, कुशीनगर
शांति उपवन बुद्ध विहार’ हर ‘जिले; में,
‘गौतम बुद्ध छात्रावास’ की स्थापना
‘महामाया गरीब बालिका शिक्षण योजना’,
सावित्री फुले छात्रावास’,
‘छत्रपति शाहू महाराज छात्रावास’,
‘श्री नारायण गुरु’ एवम ‘रविदास’ छात्रावास, ‘डॉ.भीमराव आंबेडकर’, ‘सामाजिक परिवर्तन स्थल’, लखनऊ ( एक हजार करोड़ की लागत से ),
एक लाख गाव, ‘डॉ. आंबेडकर योजना’,
‘म़ा. कांशी राम जी’ शहरी आवास योजना’,
‘म़ा. कांशी राम जी’ स्मारक स्थल’, लखनऊ
‘छत्रपति शाहू महाराज’, ‘मेडिकल’ एव ‘आय. ए. एस’, ‘आय.पी.एस’, . ट्रेनिंग सेंटर मोफत
‘डॉ. भीम राव आंबेडकर’ ‘सामाजिक परिवर्तन संग्रहालय’
‘बुद्ध इंटरनेशनल वर्ल्ड क्लास’ सर्किट फॉर ‘फॉर्मूला 1 रेसिंग’
यह सब बाते 'सिद्ध' करती है की 'मायावती जी ‘बौद्ध’ हैं।
इस लिए किसी मूर्ख की बातों में न फँसे।

50 दिन तक मजदूर मजदूरी न करे

50 दिन तक मजदूर मजदूरी न करे, देशहित में
50 दिन तक कोई खाना न खाए, देशहित में
50 दिन तक सब्जी-राशन की दुकानें बंद रहें, देशहित में
50 दिन तक कोई यात्रा न करे, देशहित में
11 इंसान मर गए/गई अब तक, देशहित में
6 महीने से प्लान बना रहे थे, देशहित में
50 दिन जनता को भूखे-प्यासे, बेरोजगार मारने का प्लान, देशहित में
जापान में मदहोशी में लाईन में लगने वालों को अवैध-धन-धारी बता कर हँस रहे थे, देशहित में
भारत आते ही जूते-अंडे की मार से बचने के लिए नकली आँसूं बहाने लगे, देशहित में
बीबी-परिवार को छोड़कर देश-विदेश में घूमते हैं, देशहित में
प्रधानमंत्री आवास के विशाल प्रांगण में बीबी-परिवार के लिए जगह नहीं है, देशहित में
जनता भी घर-परिवार छोड़ दे, देशहित में
फर्जी एनकाउंटर को असली साबित करने के लिए पुलिसकर्मी की हत्या करवाई, देशहित में
व्यापम घोटाले को दबाने के लिए 50 से ज्यादा लोगों की हत्या करवाई, देशहित में
एखलाख के हत्यारे को तिरंगा में लिपटाकर शहीद बताया, देशहित में
सीमा पर रोज सैनिक मर रहे हैं, देशहित में
लापता/मृत 29 सैनिकों का नाम देश को नहीं बताया, देशहित में
नौकरियों में भर्तियां रोककर देश में बेरोजगारी बढ़ाई है, देशहित में
फर्जी खबर चलाने वाले चैनल पर कार्यवाही नहीं की, देशहित में
गौतम अडानी का 200 करोड़ का जुर्माना माफ किया देशहित में
मुकेश अंबानी को तय मानक से कम पर गैस बेचा, देशहित में
देशवासियों के आधार की जानकारी और अथॉरिटी रिलायंस को दिया, देशहित में
नवाज़ शरीफ़ से दोस्ती निभाई, देशहित में
किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं, देशहित में
इनके गुंडे खुलेआम सबको धमकाते, गालियां देते, मारते-पीटते और उनकी हत्या करते हैं, देशहित में
ये अपने गुंडों पर कार्यवाही करने के बजाय उनसे रोकर ऐसा न करने की फरियाद करते हैं, देशहित में
ये आग मूतते भी हैं तो देशहित में और इनके दलाल उसे लीपते भी हैं तो देशहित में
#ऐसी_चिरकुटई_और_कहाँ,,,,,,,,
उखाड़ फेंको आतंकवादी संगठन चड्डी गेंग RSS, BJP,  फेकुए  की सरकार को केंद्र और सभी राज्यों से।।

जय भीम

जयकांशीराम

जयभारत।।

वोट फॉर बी0 एस0 पी0

अबकी बार कहो सभी भाई और बहनों

दिल से कहो मन से कहो

अबकी बार बी0 एस0 पी0 सरकार

BSP में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी:महेश आर्य

पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी:महेश आर्य

रोहतक:18/11/2016

आज रोहतक की शिव पंजाबी धर्मशाला में बहुजन समाज पार्टी हरियाणा की प्रदेश मीटिंग का आयोजन किया गया।
मीटिंग के मुख्यातिथि माननीय महेश आर्य, प्रदेश प्रभारी हरियाणा और मध्यप्रदेश एवं पूर्व एमएलसी उ.प्र. तथा अध्यक्षता माननीय नरेश सारन प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा ने की।

मीटिंग में संगठन को मजबूत करने के लिए माननीय प्रभारी जी ने कार्यकर्ताओं और नेताओं से विचार विमर्श करके प्रदेश में जोन प्रभारियों और जिला प्रभारियों की नियुक्ति की घोषणा की।

पूर्वी जोन प्रभारी-
1 डा.बलदेव सिंह (जिला यमुनानगर, अम्बाला और पंचकूला)

2 मा. रामेश्वरदास (जिला करनाल,पानीपत और कुरुक्षेत्र)

3 मा. अधिवक्ता नेतराम (जिला सोनीपत, रोहतक और मेवात)

4 मा. महेंद्र जाजोरिया (जिला फरीदाबाद, पलवल और गुडगाँव)

पश्चिमी जोन प्रभारी-
1 मा.सुमेर जांगड़ा (जिला सिरसा, फतेहाबाद और कैथल)

2 डा.महेश कुमार (जिला रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी)

3 मा. नरेंद्र प्रजापति (जिला झज्जर और भिवानी)

4 डा.श्याम लाल (जिला हिसार और जींद)

जिला प्रभारी-
1 पलवल-मा. बिजेंद्र सिंह

2 मेवात-मा. मनोज चौधरी

3 गुडगाँव-मा. रामजीलाल

4 सोनीपत-मा. अशोक मित्तल

5 पानीपत-मा. आनंद पहल

6 अम्बाला- श्रीमती आशा पठानिया

7 कैथल-मा.रोहताश रंगा

8 जींद-चौ.सुरेंद्र पंघाल

9 फतेहाबाद-मा. कृष्ण जमालपुर

10 सिरसा-मा.जगदीश कश्यप

11 हिसार-मा.बलराज सातरोड

12 झज्जर-मा. प्रदीप अम्बेडकर

13 महेंद्रगढ़-मा. अनिल रंगा

14 रेवाड़ी-मा. सतीश चौधरी

15 कुरुक्षेत्र-मा.रामदास कर्णवाल

नोट- बाकि बचे जिलों फरीदाबाद, रोहतक, करनाल, यमुनानगर, पंचकूला, भिवानी और चरखी दादरी के जिला प्रभारियों की नियुक्ति की शीघ्र ही घोषणा की जायेगी।

मीटिंग में सैंकड़ों की संख्या में पार्टी पदाधिकारिगण मौजूद थे।

मायावती बोलीं बीजेपी ने अपना रुपया ठिकाने लगा कर नोटबंदी की