Wednesday, January 27, 2016

कभी मायावती की मूर्ति तोडऩे वाले अमित जानी अब मनाएंगे उनका जन्मदिन

कभी मायावती की मूर्ति तोडऩे वाले अमित जानी अब मनाएंगे उनका जन्मदिन

Updated On: 2016-01-12 19:10:11 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हालात तेजी से बदल रहे हैं। राजनीतिक हवा का रुख बदलते ही नेताओं के बयान भी बदलने लगे हैं। हाल ही पंचायत चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद मिशन यूपी की सत्ता की ओर बढ़ रही बसपा के पक्ष में कई विरोधी रहे नेताओं के बयान आने भी शुरू हो गए हैं।

इसी कड़ी में प्रमुख नाम है यूपी नवनिर्माण सेना अध्यक्ष अमित जानी का। साल 2012 में बसपा अध्यक्ष मायावती की मूर्ति तोडऩे को लेकर विवादों में आए यूपी नवनिर्माण सेना अध्यक्ष अमित जानी अब मायावती का बर्थडे संघर्ष दिवस के रूप में मनाने की तैयारी कर रहे हैं।

अमित जानी ने मीडिया को बताया कि 15 जनवरी को मुजफ्फरनगर में एक भव्य कार्यक्रम में मायावती का बर्थडे मनाया जाएगा। इस दौरान 60 किलो का केक काटा जाएगा। वह बहन मायावती को कार्यक्रम में बुलाने के लिए लेटर भी लिखेंगे।

गौर हो कि साल 2012 के जुलाई महीने में अमित जानी सुर्खियों में आए थे। तब यूपी नवनिर्माण सेना संस्था के नाम से तीन युवकों ने अंबेडकर पार्क में स्थापित सफेद रंग की मायावती की मूर्ति को हथौड़ा मारकर तोड़ दिया था। मूर्ति तोडक़र भागने से पहले वहां पर यूपी नवनिर्माण सेना के पर्चे भी फेंके गए थे।

यह मामला इतना बढ़ गया था कि सरकार को रातों-रात मायावती की मूर्ति लगवानी पड़ी थी। यूपी में अब बदलते राजनीतिक हालात के बीच अब सेना अध्यक्ष अमित जानी का रुख बसपा की ओर हो चला है।

मीडिया से बातचीत में अमित जानी ने कहा कि सपा में जो परिवारवाद सैफई से चला था, अब पूरे प्रदेश में फैलाया जा रहा है। उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती की तारीफ करते हुए कहा कि बहन जी सडक़ से संघर्ष करते हुए सत्ता तक पहुंची हैं। मायावती जैसा संघर्षशील नेता पैदा नहीं हुआ है।

रोहित वेमुला प्रकरण को लेकर हिमाचल में सड़कों पर उतरी बसपा

रोहित वेमुला प्रकरण को लेकर हिमाचल में सड़कों पर उतरी बसपा 

नेता बोले-दोषी मंत्रियो को बचाने में जुटी बीजेपी,फूंका मोदी का पुतला

जनता ने बीजेपी-कॉंग्रेस का विकल्प बसपा को माना

ऊना,25 जनवरी।देश में लोकतंत्र का आइना बन चुके रोहित वेमुला को लेकर हिमाचल प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी सड़को पर उतरी।बसपा द्वारा रोहित को न्याय दिलाने के लिए बीजेपी सरकार और मोदी के खिलाफ गणतन्त्र दिवस से एक दिन पहले किये गए रोष व् विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व हिमाचल व् जम्मू कश्मीर के प्रभारी मान्यवर एम एल तोमर ने किया।इनके साथ ही हिमाचल प्रदेश प्रभारी मान्यवर दयाचंद व् मान्यवर मनोज जाटव,प्रदेश अध्यक्ष  एडवोकेट विजय नायर सहित प्रदेश महासचिव रमेशचन्द्र भटोली,जिला उपाध्यक्ष दीदार सिंह,जिला महासचिव सुभाष चन्द्र व् बलबीर सिंह,सचिव पटेल सिंह के अलावा पार्टी कार्यकर्ताओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।
ऊना जिला रेस्ट हॉउस के सामने पार्क चौक पर किये गए प्रदर्शन में बसपा नेताओ ने विरोध स्वरूप पीएम मोदी का पुतला फूंका।हिमाचल व् जम्मू के प्रभारी मान्यवर तोमर साहब ने कहा की रोहित वेमुला दलित समाज का प्रतिभावान व् हँसमुख क्रांतिकारी छात्र था।विश्वविद्यालयों में फेली आरएसएस और कॉंग्रेस-बीजेपी जातिवादी विचारधारा ने रोहित को मारा है।तोमर ने कहा की दलित-पिछड़े समाज व् मानवता के रहबरों की चर्चा करना और उनकी फोटो लगाकर जयंती मनाना देश में दलितों के लिये राष्ट्द्रोह हो गया है?सरकार बनने के बाद सत्ता के नशे में चूर होकर बीजेपी व् आरएसएस के छात्र संग़ठन आज राष्टीयता का प्रमाण पत्र बाँटने में लगे हुये है।तोमर ने कहा की देश ने धर्म और जाती के नाम पर बांटने वालो की पहचान क्र ली है और हर तरफ उठ रही आंधी बीजेपी और कॉंग्रेस का पुरे देश से सफाया कर देगी।बसपा नेता ने कहा की बसपा सुप्रीमो बहन मायावती जी यूपी में जल्द ही सत्ता वापसी करने जा रही है।उसके बाद 2019 में बीजेपी-कॉंग्रेस के खिलाफ बह रही दलित,पिछड़े,मुस्लिम और उपेक्षित वर्ग की आंधी व् पार्टी के मजबूत केडरबेस संग़ठन के बलबूते बहनजी को पीएम पद तक लेकर जायेगे।
हिमाचल प्रदेश प्रभारी मान्यवर दयाचंद जी व् मान्यवर मनोज जाटव जी ने कहा की पौराणिक समय में दलित-पिछड़ो व् शूद्रों को शिक्षा लेने का कोई अधिकार नही था वहीं आधुनिक समय में भी शिक्षा में खूब जातीय उबाल बरकरार है।बसपा नेताओ ने केंद्र सरकार को आड़े हाथो लेते हुये कहा की वेमुला व् इनके बाकि दलित साथियो को राजनीती का शिकार बनाया गया है।शिक्षा व्यवस्था में आज भी द्रोणाचार्य मौजूद है और वेमुला की मोत के लिये केंद्र के दो मंत्री,यूनिवर्सिटी के कुलपति व् आरएसएस के छात्र संग़ठन के पदाधिकारी जिम्मेदार है।
प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट विजय नायर ने कहा की 17 जनवरी को हुये प्रकरण पर पीएम मोदी 5 दिन तक चुप रहे।लेकिन पड़ोसी देश में हुये स्कूली हादसे पर उन्होंने संवेदना व्यक्त कर दी परन्तु देश में हुये छात्र की हत्या पर चुप रहे।केन्द्रीय मंत्रियो स्मृति ईरानी व् दतात्त्रेय ने 5 बार यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर दलित छात्रो को यूनिवर्सिटी से बाहर करने का फरमान जारी किया था और आखिर छात्रो को बाहर निकलवाकर ही दम लिया।रोहित व् उसके साथियो ने बार बार न्याय की गुहार लगाई थी।अगर समय रहते उनकी सुनवाई हो जाती तो होनहार रोहित की जान नही जाती।बसपा ने मोदी सरकार को दलित-पिछड़ा और मुस्लिम विरोधी करार दिया।बसपा नेताओ ने मांग करते हुये कहा की बीजेपी के दोनों मंत्रियो को बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाये साथ ही कुलपति व् एबीवीपी के पदाधिकारियो पर भी कड़ी कानूनी करवाई की जाये।रोहित वेमुला के नाम से उसी यूनिवर्सिटी में शोधपीठ स्थापित की जाये तथा रोहित के परिवार को 5 करोड़ की सहायता दी जाये।आंदोलन कर रहे दलित छात्रो का निष्काशन रदद कर उनकी मांगे पूरी की जाये।बसपा नेताओ ने कहा की इस प्रकरण के कारण आगामी समय में बीजेपी और कॉंग्रेस को इसका भारी खामयाजा भुगतना पड़ेगा।

Tuesday, January 26, 2016

जन जन की नेता बहन मायावती

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बी एस पी. सुप्रीमो  जन जन की नेता बहन  मायावती:
कुछ मेरे साथी कह रहे थे कि बसपा अध्यक्ष मायावती जी मनुवादी पंडितो को अपने पार्टी में रखी है इसलिए वे बाबा साहब और मान्यवर कांशीराम जी के मिशन से हटकर काम कर रही है इसलिए बसपा दलितों कि हितैसी पार्टी नहीं है । आप लोग भलीभाँति जानते है कि sc/st कि देश में 23% है जिसमे 13% दलित समुदाय के लोग बसपा में है और 10% दलित समाज के लोग मनुवादियो के बहकावे में और अनभिज्ञता के कारण विभिन्न पार्टिओ में है । जो दलित समुदाय में सबल हो चुके है वे अपने को दलित समझते ही नहीं है वे दलितों के साथ रहना पसंद नहीं करते है वे मनुवादियो की चमचागिरी करना पसंद करते है । आप ही बताइये बसपा 10% दलित समुदाय को लेकर कौन सा मुकाम हासिल कर सकती है । पिछड़ी जातियो में भी यही दशा है । बसपा की मज़बूरी है मनुवादियो को साथ में रखना । बहन मायावती जी उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री जितनी बार थी मनुवादियो का कोई कार्य नहीं किया । किसी मुकाम को पाने के लिए सीढ़ी की जरुरत होती है । बहन जी ने मनुवादियो को सीढ़ी बनाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठी और मनुवादियो के हित में कोई कार्य नहीं किया । बहन जी ने दलितों के विकास के लिए बैकलॉक की भर्तियां निकालकर sc/st को नौकरी प्रदान किया । देश का कोई मुख्यमंत्री है जो ऐसा कार्य दलितों के हित में किया । बहन जी ने सरकारी आवादी और बंजर भूमि को भूमिहीन दलितों को पट्टा किया । बहन जी आज तक किसी भी मनुवादी के काल्पनिक मूर्ति का दर्शन नहीं किया । बहन जी ने कोई परिवारवाद नहीं किया । मनुवादियो ने हमारे महापुरुषो को इतिहास से विलुप्त किया था । बहन जी ने छत्रपति शाहू जी अम्बेडकर रविदास कबीर आदि दलित महापुरुषो को याद करने के लिए उत्तर प्रदेश में जिला बनाया । जिससे विलुप्त हुए महापुरुषो को आने वाली पीढ़ी याद करेगी । बहन जी ने दलित महापुरुषो को याद करने के लिए स्मारक बनवाया । बहन जी ने प्रमोशन में आरक्षण विधेयक विल मनुवादियो के भारी प्रतिरोध के बावजूद संसद के राज्य सभा से पारित कराया जो आज तक हमारा बहुमत नहीं होने के कारण लोकसभा में लंबित पड़ा है । बहन जी ने अम्बेडकर ग्राम घोषित करके दलितों का विकास किया । बहन जी ने दलित महापुरुषो के नाम पर योजनाये चला कर पुरे दलित समुदाय का विकास किया । साथियो यह विकास क्या दलित समुदाय के एक जाति विशेष के लिए बहन जी ने किया था क्या ? साथियो बहन जी ने ये क्या मनुवादियो के लिए किया था ? साथियो बहन जी में कूट कूटकर मनुवादियो के प्रति प्रतिशोध भरा है लेकिन मुकाम को हासिल करने के लिए मनुवादियो का साथ लेना मज़बूरी है । मनुवादी काल्पनिक देवी देवताओ का सोने चाँदी से करोडो की मूर्ति बनवाकर मंदिर बना रहे है तो हमारा कोई प्रतिरोध नहीं है । जब बहन जी अपने दलित महापुरुषो को याद करने के लिए स्मारक स्थल बनवाया तो मनुवादियो की हालात ख़राब हो गयी तब तमाम प्रकार कि भ्रांतिया फैलाना शुरू कर दिए । दोस्तों बहन जी के सिवाय देश का कोई नेता दलित का हितैषी नहीं है । दोस्तों सोच बदलो एकजुट होकर विकास करो और मन कि भ्रांतिया निकाल दो ।
साधुवाद...
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मायावती बोलीं, मनुवादी सोच की महिला हैं लोकसभा अध्‍यक्ष

मायावती बोलीं, मनुवादी सोच की महिला हैं लोकसभा अध्‍यक्ष

January 25, 

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के अध्‍यक्ष मायावती ने लोकसभा अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन के जाति आधारित आरक्षण वाले बयान की निंदा की है.
उन्‍होंने कहा कि जाति आधारित आरक्षण व्‍यवस्‍था संवैधानिक अधिकार है. कुछ लोग जाति आधारित आरक्षण की समीक्षा के बहाने इसे खत्‍म करने की मंशा रखते हैं. इससे साबित उनकी दलित विरोधी सोच साबित होती है.
उन्होंने कहा कि जिस देश व समाज में हर क्षेत्र में और हर स्तर पर जन्म के आधार पर जातिवादी व्यवहार का प्रचलन आम बात हो, वहां उस जात-पात के अभिशाप के संवैधानिक निदान को समाप्त करने की बात करना अन्याय, शोषण व उत्पीड़न एवं अमानीयवता को और ज्यादा बढ़ावा देना होगा.
मायावती ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने अहमदाबाद में जाति आधारित आरक्षण की समीक्षा करने की बात कही थी. सुमित्रा महाजन का यह बयान उनकी मनुवादी सोच को जाहिर करता है.
उन्‍होंने कहा कि वैसे भी यह सर्वविदित है कि आरएसएस की संकीर्ण व घातक मानसिकता रखने वालों द्वारा समीक्षा की बात करने का अर्थ उस व्यवस्था को समाप्त ही करना होता है.
एक तरफ तो हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की जातिवादी उत्पीड़न के कारण आत्महत्या करने को मजबूर होने का मामला अभी शांत भी नहीं हो पाया है कि एक उच्च संवैधानिक पद पर बैठी महिला ने अपने बयान से आग में घी डालने का काम किया है.
इतना ही नहीं बल्कि रोहित वेमुला को अगर मरने के बाद भी न्याय नहीं मिला तो यही माना जायेगा कि प्रधानमंत्री का इस मामले में भावुक हो जाना एक नाटकबाजी थी. उनके आंसू वास्तव में घड़ियाली आंसू थे.
मायावती ने कहा कि भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर कहा करते थे कि अंतरजातीय खानपान और अंतर जातीय विवाह आदि की इक्का-दुक्का घटनाओं से जाति व्यवस्था समाप्त होने वाली नहीं है.

Wednesday, January 20, 2016

दलित छात्र खुदकुशी मामले में जिम्मेदार लोगों पर हो कार्रवाई: मायावती जी

दलित छात्र खुदकुशी मामले में जिम्मेदार लोगों पर हो कार्रवाई: मायावती जी

लखनऊ: बसपा प्रमुख मायावती जी ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या की घटना को अत्यन्त ही दर्दनाक और शर्मनाक बताते हुए आज कहा कि दलित समाज को न्याय मिलना और मुश्किल होता जा रहा है. मायावती जी ने यहां जारी एक बयान में कहा कि भाजपा सरकार और उसके वरिष्ठ मंत्रियों द्वारा अन्याय व प्रताडना का शिकार बनाये जाने के कारण ही दलित शोधार्थी रोहित वेमुला आत्महत्या के लिए मजबूर हुआ. सरकार के मंत्रियों का ऐसा जनतंत्र विरोधी आचरण निंदनीय है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने वेमूला को आत्महत्या करने के बाध्य किया.

बसपा प्रमुख ने कहा कि केंद्र में नरेन्द्र मोदी सरकार के आने के बाद से पूरे देश में दलितों, पिछडों, धार्मिक अल्पसंख्यकों पर खासकर मुस्लिम व ईसाई समाज के लोगों के खिलाफ, जुल्म ज्यायदती और अन्याय की घटनाएं बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से आज आजादी के बाद भारत में पहली बार ऐसा गलत माहौल है कि भाजपा के मंत्री गण संगठित होकर अपने आचार व्यवहार से संवैधानिक मान मर्यादाओं का खुलेआम माखौल उड़ा रहे हैं. जले पर नमक छिड़कने के लिए प्रधानमंत्री ने संविधान की शपथ लेने वाले मंत्रियों आदि को बिल्कुल ही बेलगाम छोड़ दिया है.

उन्होंने हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित शोधार्थी रोहित वेमुला को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दो केंद्रीय मंत्रियों और विश्वविद्यालय के कुलपति को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कडी कार्रवाई की मांग की. विरोधी राजनीतिक दल केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी और श्रम मंत्री बंडारु दत्तात्रेय के इस्तीफे की मांग कर रहे है.

Monday, January 18, 2016

होशंगाबाद में बहन कुमारी मायावती जी का 60वा जन्मदिन मनाया गया

आज दिनांक 15/01/2016 को होशंगाबाद जिले के बनखेड़ी में सर्वजन समाज के सम्मान और स्वाभिमान की प्रतीक ,राज्यसभा सांसद, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष बहुजन समाज पार्टी माननीय बहन कुमारी मायावती जी का 60वा जन्मदिन मनाया गया ।जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित हुए।माननीय बहन जी के जन्मदिन पर 20किलो का केक काटा और जनकल्याण के तहत समाज के गरीब लोगों को कम्बल बांटे।
मुख्य अतिथि :-मा प्रदीप अहिरवार (ज़ोन प्रभारी भोपाल,बीएसपी )
विशेष अतिथि:-मा मधु पटेल (लोकसभा प्रभारी होशंगाबाद)
मा सतीश तिवारी जी (लोकसभा प्रभारी होशंगाबाद)
अध्यक्षता:-मा मेघराज हरियाले जी(जिलाध्यक्ष होशंगाबाद)
मा दिनेश अहिरवार(जिलाउपाध्यक्ष बसपा होशंगाबाद),मा विनोद लोंगरे जी(जिला सचिव होशंगाबाद),मा रामस्वरूप दामले जी(जिला सचिव )मा मुकेश लोंगरे जी (जिला सचिव होशंगाबाद) मा रामद्वार यादव जी(जिला महासचिव होशंगाबाद),मा धर्मेन्द्र वंशकार (विधानसभा प्रभारी पिपरिया),मा सुखदेव उइके जी (जिला कार्यकारणी सदस्य),मा कैलाश चौधरी जी(विधानसभा अध्यक्ष पिपरिया)मा धनसिंग अहिरवार जी(विधानसभा अध्यक्ष सोहागपुर),राजू टिकैत जी,महेंद्र अहिरवार जी , सुशील अखंडे जी और सभी जिम्मेदार कार्यकर्ता ने जन्मदिन मनाया।

10 वजहें जिनके चलते मायावती 2017 में कर सकती हैं वापसी

10 वजहें जिनके चलते मायावती 2017 में कर सकती हैं वापसी - palpalnews (p2n) 

ऐसे में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बसपा एक प्रबल दावेदार के रूप में देखी जा रही है। ऐसे में आईये उन 10 वजहों पर नजर डालते हैं जिसके चलते बसपा एक बार फिर से सत्ता में वापसी कर सकती है।

1. दलित वोटों पर अभी भी जबरदस्त पकड़ दलितों के लिए आज भी मायावती एकमात्र विकल्प के तौर पर मौजूद हैं, उनके समर्थकों में उनका लगाव आज भी बदस्तूर मौजूद है।
2. बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए मायावती लोगों की पसंद मायावती का प्रशासन बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए जाना जता है,ऐसे में सपा के प्रशासन से त्रस्त लोग बसपा को बेहतर विकल्प के रूप में देखते हैं
3. सपा की घटती लोकप्रियता हाल फिलहाल की कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक माहौल और बेरोजगारी को देखते हुए सपा की लोकप्रियता में कमी आयी है जो बसपा के पक्ष में जाती दिख रही है
4. भाजपा में राज्य स्तर पर नेतृत्व का अभाव चुनाव में एक साल का ही वक्त शेष है लेकिन भाजपा के पास यूपी में अभी भी नेतृत्व का अभाव है।
5. मुस्लिम वोटों में सेंधमारी मुस्लिम वोटों में ओवैसी की पार्टी के प्रवेश के चलते वोटों के बिखराव का मायावती को इसका लाभ मिल सकता है।
6. गठबंधन की राजनीति का उदय बिहार के बाद कयास लगाये जा रहे हैं कि यूपी में भी गठबंधन की राजनीति आ सकती है लेकिन गठबंधन से दूरी बनाना माया के पक्ष में जा सकता है जिसका वह पहले ही ऐलान कर चुकी हैं।
7. कांग्रेस कमजोर काफी समय से सत्ता से दूर रहने वाली कांग्रेस का प्रदेश में और कमजोर होना भी बसपा के लिए फायदे में जाता दिख रहा है। इसकी मुख्य वजह है कांग्रेस विपक्षी पार्टियों के वोटो में सेंधमारी कर सकती है।
8. बढ़ती बेरोजगारी जिस तरह से सपा कार्यकाल में युवाओं में बेराजगारी बढ़ी है वह बसपा के लिए फायदेमंद दिखायी दे रही है।
9. अन्य विकल्प का अभाव प्रदेश में सपा के बाद बाद बतौर बसपा को ही दूसरे बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। तीसरे विकल्प के अभाव के चलते पार्टी की सत्ता में आना आसान दिखता है।
10. पार्टी के भीतर अनुशासन  मायावती पार्टी में अनुशासन बनाये रखने के लिए जानी जाती है। शायद ही ऐसा कभी हो कि बसपा नेता मायावती के फैसले के विरोध में जाये और पार्टी विरोधी गतिविधि में लिप्त हो जिसका फायदा उन्हें आगामी चुनावों में मिल सकता है।

Friday, January 15, 2016

भारत के हर नागरिक के लिये बौद्ध धर्म

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सेवा में
      श्री मान आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी    मेरे देशवासियों आप लोगो को सूचित करता हूँ 
आप मेरी छोटी - छोटी शब्दो में परिभाषा समझे 
डॉ भीम राव अम्बेडकर जी  देश को जो दे गये आरक्षण एवं बौद्ध धर्म बहूत जादा हें छोटे शब्दो में कहता हूँ- - 

sc.st.obc. को समानता के लिये आरक्षण 
भारत के हर नागरिक के लिये बौद्ध धर्म  उच्च विचार मंथन करने के लिये हें तंत्र मंत्र के लिये नही 
इनके अलवा आज तक मंदिर मेरा हें मज्जित तेरी हें तू नीच हें में ऊंच हूँ 🙏🙏🙏🙏
 
1👊डॉ भीम राव अम्बेडकर पार्क - - -
श्री सुश्री बहन कु.मायावती के शासन काल में 
((👐मोदी मूर्ख बनाते हें देश भक्तो 
👐अखलेश अफरादवादी 
भारत सरकार की इतिहास का कोई पता नही ))
2👊भारत देश वासियों 
जब बहन मायावती जी ने भीम राव अम्बेडकर पार्क बनवाया तो आप लोगों ने विरोध किया था - - मायावती जी ने हाथी एवं मूर्तियाँ का पार्क कि जगह कम्पनी बनवाती तो अच्छा होता 
जब कि बहन कु.मायावती जी      
 
विश्व महिलाओ में से थी                   

समजना बनवाया

 महान मानवों का फिर आप                 लोगो ने विरोध क्यों किया 

क्योंकि विश्व में से थी मायावती जी एवं डॉ भीम राव अम्बेडकर जी का तो मूझे भी पता नही क्या कहूँ महान मानव जी को 
डॉ भीमराव अम्बेडकर जी 
इसी लिये देश विदेशों में  उनका सम्मान होता हें 

चलो मोदी सरकार ये भी कहो नही  होता बौद्ध धर्म पर 100में 5 नही माने जाते 

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 मोदी सरकार ने सरदार वल्लभभाई पटेल का पार्क एवं  डॉ भीमराव अम्बेडकर जी का पार्क बनवाया जा राहा हें 

भारत देश वासियों 

मोदी जी ने कौन सी कम्पनी खुलवादी  जो आप उसका विरोध क्यों नही करते 

चलो आपसे ये नही कहता कि आप विरोध करो - - -
 
   भारत देश वासियों 

 सही मानवों का सम्मान करने में आप भेदभाव करते 

चलो में ये नही कहता की 
मोदी जी को नही देखा वो पार्क बनवा रहे हें 

3👊मोदी जी आप के भक्त एव पद अधिकारी डॉ भीमराव अम्बेडकर जी को हरी बत्ती कहते हें 

 डॉ भीमराव अम्बेडकर जी
     (दलितों एवं शूद्रों )
को एवं गरीब लोगो के धर जाला दो पुलिस पुरुष इंचार्ज से महिलाएँ नग्न किये जाय और जेल भी उम्र केद केस भी लगा दिया जाये 
और दो गोमांस जाला दे होते तो पूरा प्रशासन हिला देते उन्हे फाँसी भी देते आप की नजरो में इंसानों से जादा जानवरो की सुरक्षा  हें 
    - - - बाबासाहेब जी के  विचार नही थे ये 

     भारत देश वासियों

आपने भक्तो एवं पद अधिकारीयों से कह दो हरी बत्ती को जय भीम बुद्धाम शरणम गच्छामि एवं 
पुलिस प्रशासन को कानून कुत्ते नही बच्चो को बच्चे  जानवरों से इंसान प्यारे होते हें नही तो

 हम लाल बत्ती दिखा देगे

   भारत देश वासियों 

चलो भारत देश में समानता 
को कदम तो बड़े जब देश में समानता होगी तो देश 150साल पीछे ना होता एक साल से अंदाज़ लागा लीजिये एक होकर क्या नही किया जा सकता
4👊अखलेश अफरादबादी सरकार का इतिहास sem2 मोदी जी 3👊
बहनजी  कु.मायावती जी की मूर्तियाँ तोड़ी फिर लगवाई चमक के साथ 
 विश्व महिलाओ में नाम हें जब की फिर भी मूर्ति तोड़ी थी 
बाबासाहेब की छुट्टियाँ बन्द की फिर चालू की कायदे के साथ फिर जयंतीया मनाई कायदे के साथ 
बहन जी की हर योजनायें के नाम बदले 
इनकी सरकार ने जीतने भी काम एवं योजनायें लागू की हें सब बहन जी की नकल की हें 
विश्वाश नही हें तो मिला लीजिये फिर भी नही कर पाये पूरी  
वेसे 100 में 5नही मानी जाती हें 
येही हें इन्हे इतिहास का पता 
देखा नही मोदी जी पार्क बना रहे हें 
गलत संस्कार हें आप के इंसानियत बोल्लिये सब के साथ - - - आरक्षण       
5👊आप कहते हें हम आरक्षण बाबासाहेब के विरोधी नही हें 

हार्दिक पटेल को गुजरात में तोड़ फोड़ पुलिस प्रशासन कहाँ से मिला 

क्या  हार्दिक को पहले ही जेल में नही डाला जा सकता था 
आप देश वासियों को sc.st.obc. (दलित शूद्र मुसलमानो )
गुजरात से मिटा लेने के काम किये 
आरक्षण obc में खुद को जोड़ना यदि को भी 
मुसलमानो को 5. 5%आरक्षण देने का दावा 
यानी खुद नही तो दूसरो को भिडना 
यानी युद्ध करा दो 
आरक्षण खत्म करने के लिये आप कही से नही निकल सकते 
जेसेकि - - जिसकी जितनी जनसँख्या उस की उतनी भागीदारी  

सब को समान्य करदो तो आरक्षण वेसे भी खत्म 
सब भाई - भाई हो जाये तो जीवन साथी भी हो गायेगे 
आप को महँगा पढ़ सकता था आरक्षण तो 

आपने डॉ भीमराव अम्बेडकर पार्क - - अपना लिया पर 

बाबासाहेब के विचार क्यों नही अपनाये 
वेसे भी आप लोगो ने आरक्षण नाम तक ही सीमित रहने दिया 
            
             धर्म 
6👊बाबासाहेब ने बुद्ध धर्म  अपनाया 
बौद्ध धर्म सिरेठ समानता उच्च विचार लायक हें 
बौद्ध धर्म तंत्र मंत्र उच्च नीच के लिये नही हें 
हिंदू धर्म अगर कल्पनिक नही हें तो 
हर मन्दिर हर पुजारी के पास भगवान हें तो फिर गरीब पुजारी के पास क्यों नही हें
जब मन्दिर के पुजारी के पास भगवान तंत्र मंत्र हें तो 

फिर पुजारी पर विपत्ति मन्दिर में ही आती हें तो फिर भगवान क्यों नही बच्चाते हें यदि केश हें 
और बन्द करवा दीजिये वो टी बी पे चल रहा झूठा प्रचार तावीज तंत्र मंत्र यदि लूट रहे हें 
गरीब को झूठे बाना के सरेआम लूट लिया जाता हें जनतातो अंजान हें पर आप हम लोग तो जनते हें 

  अगर आप को विश्वाश हें तो आर्मी जनता को वाट दीजिये.  सुरक्षा कब्ज एवं धन लक्ष्मी यंत्र 
आर्मी को सुरक्षा कब्ज मंत्र फिर नही शहीद होगे आपने फौजी भाई शहीद 

जनता को धनलक्ष्मी यंत्र जो देश हो जाये अमीर 
नही पडॆगा आप को जरूरत  देश को सम्भाल ने की

    भारत देश वासियों 

दोस्तो अगर थोड़ी सी भी इंसानियत हें 
तो बसपा की वजह से हें 

दोस्तो हिंदूराष्ट्र नही वो 
रक्षितराष्ट्र बनना चाहते हें 

दोस्तो क्यों पड़े हो जंगल सरकार में 
अब तो आजाओ बहन माया खड़ी हें भारत सरकार में 

कौन कहता हें की हमारे जज्बातो में आपका नाम नही 
ऐसा कोई नाम तो बता दो जो बसपा सरकार में नही 

बस आपको हमारे cast नाम से डरवाया जाता हें 
और मोदी यदि मुख्मंत्री बाबासाहेब को अपनाये जाता  हें 

भारत दे की शान बान जान हें तो बसपा सरकार में
जब ही तो मोदी अखलेश  यदि मुख्मंत्री कुर्बान हें बाबासरकार पर 

में ए नही कहता की मेरे जज्बातों में आ जाओ 
पर भारत देश की शान बचाने तो आ जाओ 

अब आप ही बताओ किसका इतिहास किसका काम किसकी योजनायें अच्छी हें 

चलो तो अब आपका भी हक बनता हें हर देशबासी  तक पहुँचाने का - - -  जय भीम जय भारत

मायावती के 60वें जन्मदिन पर देशभर में आयोजन

बसपा सुप्रीमो मायावती के 15 जनवरी को 60वें जन्मदिन पर देशभर में होंगे बड़े आयोजन

संसद की शेरनी का जन्मदिन हरियाणा में जनकल्याणकारी दिवस के रूप में जिलास्तर पर मनाएगी बसपा 

प्रदेशाध्यक्ष नरेश सारन कैथल,उपाध्यक्ष नरेंद्र कश्यप अम्बाला व् पूर्व डिप्टी स्पीकर अकरम खान यमुनानगर में करेंगे समारोह में सम्बोधित 

Online Reporter 
चण्डीगढ़/हिसार,14 जनवरी। देश-दुनिया में अम्बेडकरी मूवमेन्ट की सबसे बड़ी रक्षक,बहुजन महानायिका,प्रतीक्षारत प्रधानमन्त्री,4 बार यूपी की मुख्यमंत्री रही,बसपा सुप्रीमो व् राज्यसभा सांसद मायावती जी का 15 जनवरी को 60वां जन्मदिवस जनकल्याणकारी दिवस के रूप में देश-दुनिया के लाखो समर्थक बड़ी धूमधाम से मनाएंगे।हर बार की तरह इस बार भी 'बहन जी' के जन्मदिन पर पार्टी समर्थक गरीब बस्तियों में जाकर गरीबो के साथ तथा जिले में एक जगह समारोह आयोजीत कर खुशी मनाते हुये उपेक्षित,बंचित व् बेसहारा लोगों को वस्त्र,फल,मिठाईया वितरित करेंगे।
    हरियाणा में भी प्रदेश हाईकमान की तरफ से अपने पिर्य नेता 'बहन जी' के जन्मदिन पर जिला स्तरीय जनकल्याणकारी जन्मदिवस समारोह आयोजित करने के आदेश जारी किये गए है।बसपा प्रदेशाध्यक्ष नरेश सारन ने बताया की बसपा सुप्रीमो का जन्मदिन मनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थको में भारी जोश है।हरियाणा में जिलास्तर पर बसपा पार्टी बेनर तले बड़े आयोजन होंगे और जिसमें पार्टी के वरिष्ट नेताओ की डयूटीया लगाई गई है।पार्टी के केडरबेस नेता इन कार्यक्रमों में शिरकत करते हुये आम जन को फुले,शाहू, डॉ अम्बेडकर,साहब कांशीराम व् बहन मायावती के जीवन संघर्षो से अवगत कराते हुये पार्टी और मिशन से जोड़ेंगे।
  हरियाणा में मनाये जाने वाले कार्यक्रमों में कोन नेता कहाँ किस कार्यक्रम में भाग लेंगे,इसकी एक लिस्ट प्रदेश कार्यालय रोहतक से जारी की गई।
15 जनवरी 2016 को बहन कुमारी मायावती जी के जन्मदिन को मनाने के लिए निश्चित स्थलो एवम् मुख्य अतिथियों के नाम-

1 कैथल- अंबेडकर भवन, खुराना रोड, कैथल
मुख्य अतिथि- मा. नरेश सारन
प्रदेश अध्यक्ष, बसपा हरियाणा।

2 अम्बाला-साहा
मुख्य अतिथि- मा.चत्तर सिंह कश्यप, प्रदेशउपाध्यक्ष बसपा हरियाणा।

3 हिसार-कबीर छात्रावास, हिसार
मुख्य अतिथि- मा. सुमेर जांगड़ा, प्रभारी दक्षिणी जोन।

4 यमुनानगर-बसपा कार्यालय, जगाधरी
मुख्य अतिथि-चौ. अकरम खान, पूर्व डिप्टी स्पीकर, हरियाणा सरकार

5 जझर- गुरु रविदास धर्मशाला, जझर
मुख्य अतिथि- एडवोकेट नेत राम वरिष्ठ बसपा नेता।

6 नारनौल- बसपा कार्यालय, अटेली
मुख्य अतिथि- मा. जगदीश काजला वरिष्ठ बसपा नेता।

7 सिरसा-अंबेडकर भवन, सिरसा
मुख्य अतिथि- मा. मांगे राम दहिया वरिष्ठ बसपा नेता।

8 सोनीपत-विश्वकर्मा धर्मशाला, सोनीपत
मुख्य अतिथि- मा. अनिल रंगा, प्रभारी उत्तरी जोन।

9 फतेहाबाद-भुना
मुख्य अतिथि- मा.कृष्ण जमालपुर, प्रभारी दक्षिणी जोन।

10 भिवानी- गुरु रविदास भवन
मुख्य अतिथि- मा. नरेंदर वर्मा
वरिष्ठ बसपा नेता।

11 जींद -वीर भवन सफीदों
मुख्य अतिथि- मा. कर्मबीर सैनी, वरिष्ठ बसपा नेता।

12 करनाल- गुरु रविदास धर्मशाला
मुख्य अतिथि- डा.बलदेव सिंह, प्रभारी उत्तरी जोन।

13 पानीपत -ओ.पी. गुज्जर फार्म, शिमला गुजरान
मुख्य अतिथि- मा. राजबीर मालिक वरिष्ठ बसपा नेता।

14  रोहतक -
मुख्य अतिथि-कैप्टेन बलवंत भोरिया जिलाध्यक्ष।

15 पंचकुला-बसपा कार्यालय, रामगढ
मुख्य अतिथि- के.एस. भट्टी जिलाध्यक्ष।

16 कुरुक्षेत्र- गुरु रविदास भवन, थानेसर
मुख्य अतिथि- मा. रामेश्वर दास, प्रभारी उत्तरी जोन।

17 फरीदाबाद-अंबेडकर भवन, फरीदाबाद
मुख्य अतिथि-मा.डा.श्याम लाल प्रभारी दक्षिणी जोन।

18 गुडगाँव-अंबेडकर भवन, सेक्टर-4, गुडगाँव
मुख्य अतिथि- मा.धर्मपाल राठी वरिष्ठ बसपा नेता।

19 रेवाड़ी- गुरु रविदास मंदिर
मुख्य अतिथि-मा. प्रीतम जांगड़ा जिलाध्यक्ष।

20 पलवल- अंबेडकर पार्क
मुख्य अतिथि- श्री चाँद गुदराना

21 मेवात-कबीर भवन, नूंह
मुख्य अतिथि- मा. महेंद्र जाजोरिया वरिष्ठ बसपा नेता।

बी एस पी अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी के सम्बोधन के प्रमुख अंश

🌲जनकल्याण दिवस पर बी एस पी अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी के सम्बोधन के प्रमुख अंश:
1.सपा के छदम् लोहियावाद पर प्रहार
सैफई महोत्सव में सरकारी पैसों की लूट
2. जातिगत व राजनीतिक भावना से दलित-पिछड़ों से भेदभाव
3. बाबा साहब की 125वीं जयंती पर बीजेपी प्रपंचों से बचें
4. आरक्षण को संविधान की 9वीं सूचि में डाला जाये
5. अन्य धर्मों को अपनाने वाले दलितों व गरीबों को आरक्षण की
केंद्र सरकार मांग पूरी करे
6. अप्रत्यक्ष रूप से दलित, पिछड़े व आदिवासियों के अधिकारों में कटौती
7. केंद्र की सरकार का रवैया मुसलमानों व दलितों के खिलाफ
8. राष्ट्रीय सुरक्षा में सरकार फेल
9. सन्त महापुरुषों की शिक्षाओं का सही कार्यान्वयन बी एस पी ने किया है।
10. पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के प्रयासों का लेखा जोखा है मेरे द्वारा लिखी गई पुस्तक, जिसका आज विमोचन किया जा रहा है।
11. उत्तर प्रदेश के गुंडाराज व जंगल राज को ख़त्म करने को सख्त सरकार चाहिए न कि राम मंदिर बनाने वाली सरकार।
12. भारतीय संविधान के मूल्यों को नजरअंदाज कर बढ़ रही जातिवादी सोच को रोकना है।
13. मेरी शुभचिंतकों से पार्टी के लिए आर्थिक मदद की अपील
14. बसपा कैलेंडर 2016 जारी
🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘
जय भीम-जय बसपा-जय भारत
निवेदक:
डॉ. जयश्री
जोन कॉर्डिनेटर उत्तर पूर्वी दिल्ली

Monday, January 11, 2016

जन जन की नेता बहन मायावती

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बी एस पी. सुप्रीमो  जन जन की नेता बहन  मायावती:
कुछ मेरे साथी कह रहे थे कि बसपा अध्यक्ष मायावती जी मनुवादी पंडितो को अपने पार्टी में रखी है इसलिए वे बाबा साहब और मान्यवर कांशीराम जी के मिशन से हटकर काम कर रही है इसलिए बसपा दलितों कि हितैसी पार्टी नहीं है । आप लोग भलीभाँति जानते है कि sc/st कि देश में 23% है जिसमे 13% दलित समुदाय के लोग बसपा में है और 10% दलित समाज के लोग मनुवादियो के बहकावे में और अनभिज्ञता के कारण विभिन्न पार्टिओ में है । जो दलित समुदाय में सबल हो चुके है वे अपने को दलित समझते ही नहीं है वे दलितों के साथ रहना पसंद नहीं करते है वे मनुवादियो की चमचागिरी करना पसंद करते है । आप ही बताइये बसपा 10% दलित समुदाय को लेकर कौन सा मुकाम हासिल कर सकती है । पिछड़ी जातियो में भी यही दशा है । बसपा की मज़बूरी है मनुवादियो को साथ में रखना । बहन मायावती जी उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री जितनी बार थी मनुवादियो का कोई कार्य नहीं किया । किसी मुकाम को पाने के लिए सीढ़ी की जरुरत होती है । बहन जी ने मनुवादियो को सीढ़ी बनाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठी और मनुवादियो के हित में कोई कार्य नहीं किया । बहन जी ने दलितों के विकास के लिए बैकलॉक की भर्तियां निकालकर sc/st को नौकरी प्रदान किया । देश का कोई मुख्यमंत्री है जो ऐसा कार्य दलितों के हित में किया । बहन जी ने सरकारी आवादी और बंजर भूमि को भूमिहीन दलितों को पट्टा किया । बहन जी आज तक किसी भी मनुवादी के काल्पनिक मूर्ति का दर्शन नहीं किया । बहन जी ने कोई परिवारवाद नहीं किया । मनुवादियो ने हमारे महापुरुषो को इतिहास से विलुप्त किया था । बहन जी ने छत्रपति शाहू जी अम्बेडकर रविदास कबीर आदि दलित महापुरुषो को याद करने के लिए उत्तर प्रदेश में जिला बनाया । जिससे विलुप्त हुए महापुरुषो को आने वाली पीढ़ी याद करेगी । बहन जी ने दलित महापुरुषो को याद करने के लिए स्मारक बनवाया । बहन जी ने प्रमोशन में आरक्षण विधेयक विल मनुवादियो के भारी प्रतिरोध के बावजूद संसद के राज्य सभा से पारित कराया जो आज तक हमारा बहुमत नहीं होने के कारण लोकसभा में लंबित पड़ा है । बहन जी ने अम्बेडकर ग्राम घोषित करके दलितों का विकास किया । बहन जी ने दलित महापुरुषो के नाम पर योजनाये चला कर पुरे दलित समुदाय का विकास किया । साथियो यह विकास क्या दलित समुदाय के एक जाति विशेष के लिए बहन जी ने किया था क्या ? साथियो बहन जी ने ये क्या मनुवादियो के लिए किया था ? साथियो बहन जी में कूट कूटकर मनुवादियो के प्रति प्रतिशोध भरा है लेकिन मुकाम को हासिल करने के लिए मनुवादियो का साथ लेना मज़बूरी है । मनुवादी काल्पनिक देवी देवताओ का सोने चाँदी से करोडो की मूर्ति बनवाकर मंदिर बना रहे है तो हमारा कोई प्रतिरोध नहीं है । जब बहन जी अपने दलित महापुरुषो को याद करने के लिए स्मारक स्थल बनवाया तो मनुवादियो की हालात ख़राब हो गयी तब तमाम प्रकार कि भ्रांतिया फैलाना शुरू कर दिए । दोस्तों बहन जी के सिवाय देश का कोई नेता दलित का हितैषी नहीं है । दोस्तों सोच बदलो एकजुट होकर विकास करो और मन कि भ्रांतिया निकाल दो ।
साधुवाद...

Books by Dr. BR Ambedkar डॉ भीमराव अम्बेडकर की लिखित, उनके जीवन और कार्यों पर, ओ.बी.सी., दलित, आदिवासी, बौद्ध साहित्य, और व्यवसाय और निवेश की पुस्तकें.

डॉ भीमराव अम्बेडकर की लिखित, उनके जीवन और कार्यों पर, ओ.बी.सी., दलित, आदिवासी, बौद्ध साहित्य, और व्यवसाय और निवेश की पुस्तकें. नज़दीक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, रामकृष्ण आश्रम मेट्रो स्टेशन 
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A. डॉ. भीमराव अम्बेडकर की लिखित पुस्तकें व भाषण 
1. कांग्रेस और गांधी ने अछूतों के लिए क्या किया ? (रु 200)
2. अछूत कौन और कैसे? (रु 75)
3. शूद्रों की खोज (रु 150)
4. जातिभेद का बीज्नाश (रु 60)
5. आंबेडकर की आत्मकथा (रु 30)
6. बुद्धा और कार्ल मार्क्स (रु 30)
7. डॉ. आंबेडकर के प्रेरक भाषण (मराठी भाषणों का हिंदी अनुवाद) : रु 150.
8. हिन्दू धर्म की पहेली (रु 200 )
9. साम्प्रदायिकता और उसकी गुत्थी (रु 35)
10. राज्य और अल्पसंख्यक (रु 60)
11. गोलमेज सममल में डॉ. आंबेडकर की भूमिका (रु 60)
12. रानाडे गांधी और जिन्ना (रु 35)
13. गांधी और अछूत विमुक्ति (रु 50)
14. पाकिस्तान अथवा भारत का विभाजन (रु 250)
15. क्रांति और प्रतिक्रांति (रु 250)
16. बुद्ध और उनका धम्म (रु 150)
17. संघ बनाम स्वतंत्रता (रु 50).
18. डॉ आंबेडकर की साक्षी साऊथब्रो कमेटी के समक्ष : रु 30.
19. गांधी व गांधीवाद : रु 35.
B. डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन व कार्यों पर 36 पुस्तकों का सैट. Rs 5700
1. महान समाज शास्त्री डॉ अम्बेडकर : रु 125.
2. डॉ अम्बेडकर की दृष्टी में राष्ट्र और राष्ट्रवाद : रु 80.
3. अन्य पिछड़ा (ओ. बी. सी.) वर्ग और डॉ अम्बेडकर : रु 200.
4. मानव अधिकारों के पुरोधा डॉ अम्बेडकर : रु 200
5. डॉ अम्बेडकर की धर्मनीति, अर्थनीति व राजनीती : रु 200
6. डॉ अम्बेडकर द्वारा लड़े गए मुकदमें : रु 200.
7. डॉ अम्बेडकर की दिनचर्या : रु 60.
8. डॉ अम्बेडकर का शिक्षा में योगदान : रु 125.
9. श्रम कल्याण, श्रम सुरक्षा और डॉ अम्बेडकर, भाग - 1 : रु 
100.
10. श्रम कल्याण, श्रम सुरक्षा और डॉ अम्बेडकर, भाग - 2 : रु 
125.
11. संविधान सभा में डॉ अम्बेडकर : रु 150. 
12. डॉ अम्बेडकर की संस्कृति को देन : रु 150.
13. महान शिक्षाविद डॉ अम्बेडकर : रु 150
14. हिन्दू कोडबिल और डॉ अम्बेडकर : रु 80.
15. समता सैनिक दल इतिहास और संस्कृति : रु 150.
16. भारतीय नारी के उद्धारक डॉ अम्बेडकर : रु 80.
17. अम्बेडकरी बौद्ध आंदोलन का इतिहास : रु 80.
18. गैर दलितों के भी उद्धारक बाबासाहेब डॉ आंबेडकर : रु 125.
19. श्रीधरपन्त तिलक और डॉ अम्बेडकर : रु 100.
20. युगपुरुष बाबासाहेब डॉ अम्बेडकर: जीवन संघर्ष एवं राष्ट्र सेवाएं : रु 225.
21. बाबासाहेब डॉ अम्बेडकर के संपर्क में 25 वर्ष : रु 200.
22. डॉ अम्बेडकर संस्मरण एवं समृतियाँ : रु 200.
23. डॉ अम्बेडकर: कुछ अनछुए प्रसंग: रु 200.
24. डॉ अम्बेडकर के कुछ अंतिम वर्ष : रु 200. 
25. डॉ आंबेडकर और पंजाब : रु 500.
26. डॉ अम्बेडकर और कश्मीर समस्या : रु 250.
27. आल इण्डिया शेड्यूलेड कास्ट फेडरेशन और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया : रु 200.
28. बाबा साहिब डॉ आंबेडकर और महाप्राण जोगेन्द्रनाथ मंडल : रु 300.
29. यदि बाबा न होते : रु 60.
30. पूना पैक्ट बनाम गांधी : रु 100.
31. संयुक्त प्रांतीय शेड्यूल्ड कास्ट स्पेशल कांफ्रेंस आगरा की स्वागत-समिति की रिपोर्ट १० मार्च १९४६ ई. : रु 20.
32. डॉ. आंबेडकर के संपर्क में (लेखिका : सविता भीमराव आंबेडकर) : रु 250.
33. आंबेडकर और बौद्ध धम्म : रु 125.
34. एक भिक्खु की दृष्टी में बोधिसत्व : रु 100.
35. आंबेडकर गांधी : तीन मुलाकातें : रु 75.
36. बाबासाहेब डॉ आंबेडकर कैसे पहुंचे संविधान सभा में? : रु 75.
C. भारत के पिछड़े वर्ग (O.B.C.) पर 39 विशेष पुस्तकों का सैट. Rs. 5900
1. जोतीराव फूले का सामाजिक दर्शन। रु 125.
2. जगदेव प्रसाद वांग्मय। रु 200.
3.ललई सिंह यादव : दलित और पिछड़ों का मसीहा। रु 60.
4. मेरे जीवन के कुछ अनुभव : संतराम बी. ए.। रु 150.
5. दलित बनाम पिछड़ा वर्ग। रु 125.
6. अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और डॉ भीमराव अम्बेडकर। रु 200.
7. ओबीसी साहित्य विमर्श। रु 100.
8. गुलामगिरी। रु 70.
9. किसान का कोड़ा। रु 60.
10. पेरियार रामास्वामी नायकर। रु 100.
11. दाम बांधो या गद्दी छोड़ो। रु 100.
12. ब्राह्मणवाद से हर कदम पर लड़ो। रु 125.
13. जाट जाती प्रच्छन्न बौद्ध है। रु 80.
14. समाजवाद बनाम पिछड़ा वर्ग। रु 75.
15. योग्यता मेरी जूती। रु 25.
16. बहुजन विरोधी भारतीय राजनीती का काला इतिहास। रु 500.
17. तेली समाज इतिहास और संस्कृति। रु 595.
18. शूद्रों की खोज। रु 50.
19. भारत के मूल निवासी और आर्य आक्रमण। रु 150.
20. भारतीय मूल के प्राचीन गौरव महाराजा बलि और उनका वंश। रु 80.
21. तमिलनाडु के सन्दर्भ में अयोत्ति तासर और बौद्ध पुनर्जागरण। रु 200.
22. छत्रपति शाहूजी सचित्र जीवनी। रु 60.
23. शिवजी कौन थे? रु 50.
24. प्रथम शूद्र चक्रवर्ती सम्राट महापदम नन्द। रु 100.
25. महान सम्राट अशोक। रु 100.
26. रामस्वरूप वर्मा समग्र : भाग 1. : रु 300.
27. रामस्वरूप वर्मा समग्र : भाग 2. : रु 250.
28. अशोक महान : एक मानवतावादी व्यक्तित्व : रु 100.
29. महिषासुर : रु 50.
30. सम्राट हिरण्यकश्यप : रु 60.
31. सिंधु घाटी सभ्यता के सृजनकर्ता : शूद्र और वणिक : रु 200.
32. फूलन देवी जीवनी : रु 70.
33. नारायण गुरु जीवनी : रु 70.
34. सावित्री बाई फूले जीवनी : रु 70.
35. कबीर जीवनी : रु 70.
36. अन्याय की परम्परा के विरुद्ध (भगवान स्वरूप कटियार) : रु 300. 
37. प्राचीन धर्म संस्कृति का मोह क्यों ? (नाथूराम पटेल) : रु 80. (OBC)
37. अन्याय की परम्परा के विरुद्ध : रु 300.
38. बाद के हड़प्पाइयों का इतिहास तथा शिल्पकार आंदोलन : रु 250.
39. प्राचीन धर्म संस्कृति का मोह क्यों ? : रु 80.
D. पाली और ब्राह्मी भाषा सीखने के लिए, सम्राट अशोक के और बौद्ध लेखों पर पुस्तकें रु 1770. 
1. मोग्गल्लान पाली व्याकरण : रु 350.
2. पाली भाष्यकोश : रु 400.
3. पाली निस्सेनी : रु 125.
4. पाली परिचय : रु 250.
5. पाली समुच्चयो : रु 150.
6. ३१ दिन में पाली : रु 125.
7. महान सम्राट अशोक के खरोष्ठी, आर्मेइक और ग्रीक अभिलेख : रु 100.
8. आओ ब्राह्मी लिपि सीखें : रु 70.
9. भारत स्तूप गाथा : रु 100.
E. बौद्ध धम्मस्थलों व तीर्थों पर 12 पुस्तकों का सैट Rs. 2050.
1. भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी 
2. बौद्धगया अतीत से वर्तमान तक (का इतिहास)
3. बौद्धों के आठ महातीर्थ 
4. नालंदा का पुरातात्विक वैभव 
5. अयोध्या किसकी?
6. मगध: सद्धम्म के विकास एवं प्रसार की केन्द्रभूमि 
7. नागपुर और आसपास के प्रमुख बौद्ध स्थल 
8. प्राचीन बौद्ध नगरी कौशाम्बी 
9. कुसीनारा 
10. कुशीनगर का इतिहास 
11. राजगृह 
12. बौद्धगया पॉकेट बुक
F. विश्व एवं भारत के बौद्ध भिक्खुओं एवं बौद्ध धम्म पर विशेष पुस्तकों का सैट Rs. 1950
1. धम्म महानायक कौसल्यायन 
2. बुद्धधोसुप्पत्ति 
3. आचार्य सरहपा 
4. आचार्य चन्द्रकीर्ति 
5. आचार्य असंग 
6. आचार्य शान्तिदेव 
7. आचार्य शान्तरक्षित
8. भंते धर्मशील 
9. भिक्खु नागसेन 
10. आचार्य नागार्जुन
11. आचार्य धर्मकीर्ति 
12. आचार्य आर्यदेव 
13. चीनी बौद्ध यात्रियों के यात्रा विवरण 
14. प्राचीन भारत में बौद्ध धम्म प्रचारक 
15. चीनी बौद्ध धम्म का इतिहास
16. कोरिया का वोन बौद्ध धम्म 
17. आचार्य दीपांकरश्रीज्ञान
G. वाल्मीकि वर्ग पर :-
1. इस समय में : रु 100.
2. दिल्ली की गद्दी पर खुसरो भंगी : रु 40.
3. डॉ आंबेडकर एक परिचय (भगवान दास) : रु 60.
4. भंवर : रु 150.
5. मैला प्रथा : रु 75.
6. सफाई कर्मचारी दिवस : रु 40.
7. सीवर में ज़िंदा लाशें : रु 60.
8. छू नहीं सकता : रु 15.
9. नागवंशी हेला की कहानी हेला की ज़बानी : रु 40.
10. महान दलित क्रांतिकारी योद्धा मातादीन : रु 60.
11. सुनीत : रु 20.
12. शूद्रों की खोज (डॉ आंबेडकर) : रु 150.
13. अछूत कौन और कैसे? (डॉ आंबेडकर) : रु 75.
14. कांग्रेस और गांधी ने अछूतों के लिए क्या किया? (डॉ आंबेडकर) : रु 200.
H. बौद्ध धम्म पर 67 पुस्तकों का सैट(तिपिटक सहित)। मूल्य : रु 8500(डाक शुल्क सहित). 
1. संयुक्त निकाय (दो पुस्तकें, दो भागों में): रु. 725.
2. अंगुत्तर निकाय (चार पुस्तकें, चार भागों में): 875.
3. विशुद्धि मार्ग (दो पुस्तकें, दो भागों में): 600.
4. सुत्तनिपात: 200. 
5. दीघ निकाय : 250.
6. विनय पिटक : 350.
7. मझिम निकाय: 350.
8. थेरगाथा: 200.
9. थेरीगाथा: 100.
10. बोधिचर्यावतार: 175. 
11. बुद्ध और उनका धम्म (यहाँ तक कुल सोलह पुस्तकें): 150.
12. बुद्ध की धम्म साधना और पातंजल योग: 150.
13. बुद्ध ही भगवान थे: 50.
14. भगवान बुद्ध का राक्षसों को उपदेश: 30.
15. बुद्ध की शिक्षा: 70. 
16. बुद्ध शासन सुभाषित: 30.
17. बुद्धयुगीन भारत: 60.
18. सृष्टि चक्र: 40
19. जातिभेद और बुद्ध: 25
20. बुद्ध का महाप्रबोधन बनाम ईश्वर भ्रम: 20.
21. भगवान बुद्ध धम्म-सार व धम्म-चर्या: 150.
22. बुद्धकालीन वर्ण-व्यवस्था और जाती: 200.
23. मिलिन्दपन्ह: 200.
24. दर्शन वेद से मार्क्स तक: 80.
25. पुराणों में बुद्ध: 200.
26. बौद्ध पूजापाठ: 25.
27. विश्व के महान बौद्ध दार्शनिक: 200.
28. बौद्ध धम्म: एक बुद्धिवादी अध्यन्न: 80.
29. बुद्ध धम्म में बाईस प्रतिज्ञाओं का महत्त्व: 45.
30. खुद्दक पाठ: 30.
31. क्रांति के अग्रदूत बुद्ध: 20.
32. बुद्ध धम्म के दस आधारस्तम्भ: 70.
33. महामानव बुद्ध: 60.
34. भारतीय संस्कृति को बौद्ध धम्म की देन: 75. 
35. बौद्ध धम्म नहीं है हिन्दू धर्म की शाखा: 70. 
36. अशोककालीन दीपोत्सव जो दिवाली बन गया: 50.
37. बौद्ध धम्म में शून्यवाद: 75. 
38. बुद्धिजम और विज्ञान: 35.
39. नामकरण संस्कार और बौद्धों के पन्द्र हज़ार नाम: 40.
40. आओ विपश्यना सीखें: 50.
41. भरहुत स्तूप गाथा: 100.
42. बुद्ध और मार्क्सवाद: 20.
43. महान मनोचिकित्सक भगवान बुद्ध: 125.
44. तिपिटक दिग्दर्शिका: 100.
45. परम पराक्रमी राक्षसराज रावण: 30.
46. बौद्धचर्या प्रकाश: विवाह संस्कार: 80.
47. बौद्ध रत्नावली: 125.
48. इत्तुवितक: 55.
49. बौद्ध धम्म में कर्म का सिद्धांत: 60.
50. बौद्ध धम्म: मोहनजोदड़ो हड़प्पा नगरों का धर्म: 250.
51. चार्य पिटक: 45.
52. पंजाब में बौद्ध धम्म: 150 (यहाँ तक कुल 58 पुस्तकें)
53. भगवान किसे कहते हैं? रु 100.
54. मेरे शरण-गमन का इतिहास (संघरक्षित): रु 60.
55. भारत को किसने कमजोर किया: बुद्धिज़्म ने या ब्रह्मनिस्म ने? रु 75. 
56. भगवान बुद्ध की दिनचर्या : रु 60. 
57. प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली : रु 100.
58. बौद्धचर्या प्रकाश : बौद्ध पूजा पद्धत्ति, विवाह पद्धति : रु 80.
59. महान मनोचिकित्सक भगवान बुद्ध : रु 150.
60. बुद्ध का नीतिशास्त्र : रु 250.
61. बुद्ध धम्म के सामाजिक आयाम : रु 250.
I. बहुजन समाज पर पुस्तकें 
1. बहुजन नायक कांशीराम की ललकार: रु 175.
2. माया (मायावती) जैसी कोई नहीं: रु 125.
3. मान्यवर कांशीराम और बौद्ध धम्म: रु 60.
4. बहुजन समाज पार्टी बनाम भारतीय मीडिया: रु 60.
5. बहुजन समाज पार्टी और संरचनात्मक परिवर्तन: रु 50.
6. एक ज़िंदा देवी मायावती: रु 100.
7. कांशीराम और बहुजन समाज पार्टी: शंका और समाधान: रु 35.
8. बहुजन नायक कांशीराम जीवनी : रु 80.
9. बहुजन मसीहा कांशीराम के भाषण : खंड: 1. : रु 60.
10. बहुजन मसीहा कांशीराम के भाषण : खंड: 2. : रु 200.
11. सामाजिक परिवर्तन और बीएसपी : रु 175.
12. हिन्दू राष्ट्र से बहुजन राष्ट्र: 80.
13. बहुजन भारत में धार्मिक डाका : रु 60.
J. गुरु रविदास (रैदास) पर पुस्तकें:
1. ऐसा चाहूँ राज मैं… संत सिपाही रैदास : रु 150.
2. बोधिसत्व गुरु रैदास और उनके आंदोलन : रु 100.
3. रविदास सचित्र जीवनी : रु 70.
4. संत रैदास वाणी में बौद्ध चिंतन: रु 70.
5. संत शिरोमणि गुरु रविदास विचार दर्शन: रु 135.
K. दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग पर पुस्तकें 
1. शोषित समाज के क्रन्तिकारी प्रवर्तक : रु 100.
2. य़ोग्यता मेरी जूती : रु 30.
3. श्रमण संस्कृति बनाम ब्राह्मण संस्कृति : रु 150.
4. रमाबाई आंबेडकर : रु 25.
5. भारत के मूलनिवासी और आर्य आक्रमण : रु 150.
6. डॉ. राम मनोहर लोहिया का राजनैतिक चिंतन : रु 20.
7. सम्राट अशोक चरित्र जीवनी : रु 60.
8. छत्रपतिशाहुजी महाराज (सामाजिक लोकतंत्र के भीम-स्तम्भ) : रु 20.
9. बहुजनों के सम्मान में : रु 20.
10. 
11. नेताओं की दौड़ दलितों की झोपडी तक क्यों? : रु 30.
12. भारतीय संविधान मनुस्मृति की गुलामी से मुक्ति : रु 40.
13. भारतीय संस्कृति और वामपंथ : रु 70.
14. भारतीय राजनीती में वंशवाद : रु 70.
15. ....
16. फूंकते कदम: एक अध्यन्न दलित आंदोलन का : रु 125.
17. भगवान की खोज : रु 100.
18. मृत्युभोज क्यों? : रु 30.
19. भारतीय साहित्य में महिलाओं पर अभद्र कहावतें : रु 80.
20. दहेज़ की आग में दहकती सुहागिन : रु 100.
21. 
22. 
23. सामाजिक आंदोलन और नई दिशाएं : 120.
24. दलित-मुस्लिम भाईचारा क्यों और कैसे? : रु 20.
25. 
26. जिरह धर्म बनाम अंधविश्वास : रु 70.
27. बीच बहस में: स्त्री, दलित और जातीय दंश : रु 80. 
28. भारतीय अर्थतंत्र निशाने पर : रु 80.
29. कौटिल्य अर्थशास्त्र या कुटिल शास्त्र अथवा मनुस्मृति की पुनरावृति : रु 30.
30. 
31. डॉ आंबेडकर और गांधी का योगदान: दलित और महिला उत्थान में : रु 350.
32. भारत की गुलामी में गीता की भूमिका : रु 100. 
33. भारत में नस्ल, धर्म, इतिहास, राजनीती और जाती व्यवस्था. : रु 250.
34. बाद के हडप्पाईयों का इतिहास तथा शिल्पकार आंदोलन : रु 250.
35. पवित्र गाय का मिथक : रु 200.
36. भारत में नस्ल, धर्म, इतिहास, राजनीती और जाती व्यवस्था. : रु 250.
L. दलित वर्ग पर पुस्तकें:-
1. दलित उत्पीड़न, उपचार और कानूनी संरक्षण : रु 60.
2. पूना पैक्ट बनाम गांधी : रु 100.
3. उत्तरांचल सहित उत्तर प्रदेश की दलित जातियों का दस्तावेज़ : रु 150.
4. दलित उद्यमियों के संघर्ष और सफलता की कहानी : रु 100.
5. भगाणा की निर्भयाएँ: दलित उत्पीड़न के अनवरत सिलसिले का दृष्टांत : रु 150.
6. दलित दस्तावेज़ : रु 200.
7. डाईवर्सिटी से बनेगा दलित पूंजीवाद (अमेरिकी डाइवर्सिटी और काले लोगों के अनुभव) : रु 60.
8. 
9. 
10. संयुक्त प्रांतीय शेड्यूल्ड कास्ट स्पेशल कॉन्फ्रेंस आगरा की स्वागत समिति की रिपोर्ट १० मार्च १९४६ ई : रु 20.
11. सारे जहाँ से अच्छा अम्बेडकर हमारा : रु 20.
12. मनुस्मृति जलाई गई क्यों? : रु 40.
13. अम्बेडकरवाद और मार्क्सवाद का द्वंद्वात्मक सम्बन्ध : रु 25.
14. शम्बूक वद्ध (नाटक) : रु 40.
15. डॉ आंबेडकर: एक परिचय एक सन्देश : रु 60.
16. डॉ आंबेडकर जीवन दर्शन : रु 75.
17. प्रजातंत्र में जाती, आरक्षण एवं दलित : रु 150.
18. 
19. 
20. हिन्दू समाज का विखंडन तथा दलितों की समस्याएँ : रु 150.
21. महाड़ तालाब पानी अधिकार आंदोलन : रु 25.
22. सिंधु घाटी सभ्यता के सृजनकर्ता शूद्र और वणिक : रु 200.
23. महाप्राण जोगेन्द्रनाथ मंडल: जीवन और विचार : रु 70.
24. अतीत से आजतक के भारतीय इतिहास में दलित व पिछड़ी जातियों की स्थिति : रु 150.
25. मीडिया में दलित ढूँढते रह जाओगे : रु 75.
26. हरियाणा के दलित हरित क्रांति से भी वंचित : रु 100.
27. उत्तर प्रदेश में दलित आंदोलन : रु 170. 
28. मोची का बेटा : रु 80.
29. दलितों की दुर्दशा: कारण और निवारण: रु 100.
M. आदिवासी साहित्य 
1. रामायण में आदिवासियों के खिलाफ एक षड़यंत्र : रु 200.
2. बिरसा मुंडा जीवनी : रु 70.
N. बहुजन नायक-नायिकाओं की बच्चों के लिए सचित्र जीवनियों का सैट (यह बड़ी उम्र के लोग भी पढ़ सकते हैं):- (15 पुस्तकों का डाक सहित मूल्य: रु 1150).
1. डॉ भीमराव अम्बेडकर जीवनी : रु 70.
2. बुद्ध जीवनी : रु 70.
3. सम्राट अशोक जीवनी : रु 70.
4. गुरु रविदास जीवनी : रु 70.
5. कबीर जीवनी : रु 70.
6. ज्योतिबा फूले जीवनी : रु 70.
7. बिरसा मुंडा जीवनी : रु 70.
8. सावित्री बाई फूले जीवनी : रु 70.
9. छत्रपति शाहूजी महाराज जीवनी : रु 70. 
10. स्वामी अछूतानन्द जीवनी : रु 70.
11. गुरु घासीदास जीवनी : रु 70.
12. गाडगे बाबा जीवनी : रु 70.
13. नारायण गुरु जीवनी : रु 70.
14. पेरियार जीवनी : रु 70.
15. फूलन देवी जीवनी : रु 70.
O.बच्चों के लिए सचित्र बौद्ध चरित्रों पर 40 पुस्तकों का सैट : रु 1200.
P. व्यवसाय और निवेश की सात पुस्तकों का सैट : रु 2000.
ENGLISH BOOKS;-
Q. New Collection :-
1. Annihilation of Caste by Dr. B.R. Ambedkar (the annotated critical edition and introduction by Arundhati Roy). Rs. 525.
2. Dispersed Radiance: Caste, Gender and Modern Science in India by Abha Sur. (This books shows that how scientific developments and scientific institutions in India have been influenced by caste and gender). Rs. 495.
3. Against the madness on Manu (by Dr. Br Ambedkar, introduced by Sharmila Rege). Rs. 350.
4. Seeking Begumpura: The social vision of anticaste intellectuals (by Gail Omvedt) : Kabir, Tuka, Kartabhajas, Phule, Iyothee Thass, Ramabai, Periyar and Dr. B.R.Ambedkar). Rs. 295.
5. Ambedkar's World: The making of Babasaheb and the Dalit movement. (by Eleanor Zelliot. Rs. 350.
6. The Persistence of Caste: The Kherlanji Murders & India's Hidden Apartheid. (by Anand Teltumbde). Rs. 295.
7. In Pursuit of Ambedkar (by Bhagwan Das). Rs. 175.
8. The Myth of Holy Cow (by D.N. Jha). Rs. 250.
9. The Exercise of Freedom: An introduction to Dalit Writing (edited by K. K. Satyanarayan and Susie Tharu). Rs. 175.
10. Unclaimed Terrain (By Ajay Navaria, a novel on life of a Dalit). Rs.295.
11. A word with you world (by Siddalingaiah, autobiography od a Dalit ). Rs. 395.
12. Ear to the ground: Selected writings on caste and Class (by K. Balagopal). Rs. 550.
13. A gardener in the wasteland: Jyotiba Phule's fight for liberty. Rs. 220.
14. Bhimayan: experiences of Untouchability. Rs. 325.
15. A spoke in the Wheel (by Amita Kanekar, a novel on the Buddha). Rs. 495.
16. In the Tiger's Shadow: The Autobiography of an Ambedkrite (by Namdeo Nimgade). Rs. 350.
17. Imagining a place for Buddhism: Literary culture and Religious community in Tamil-Speaking South India. (by Anne E. Monius) Rs. 350.
18. Religious Rebels in Punjab: The Ad Dharm Challenge to Caste (by Mark Juergensmeyer, a book on casteism in Punjab) Rs. 400.
19. People without History: India's Muslim Ghettos (by Jeremy Seabrook and Imran Ahmed Siddiqui) Rs. 295.
20. The Suffering People (by Balwant Singh, story of a Dalit Officer). Rs. 450.
21. Turning the Pot, Tiling the Land: dignity of Labour in our times (by Kancha Ilaiah). Rs. 200.
International Social Work:
22. Embodying Difference: The Making of Burakumin in Modern Japan (by Timothy D. Amos, a work on outcastes in Japan). Rs. 495.
23. Lose your mother: a journey along the Atlantic Slave Route (by Sadiya Hartman. Rs. 350.
24. Women Race and Class (by Angela Y. Davis). Rs. 295.
25. The Sublime Object of Ideology (by Zizek). Rs. 325.
26. Political Interventions: Social Science and Political Action (by Pierre Bourdieu). Rs. 490.
27. Abnormal (Psychology) (by Michel Foucault). Rs. 490.
28. The business of words (by Andre Schiffrin, on publishing and its social impact). Rs. 295.
29. Are Prisons Obsolete? (by Angela Y. Davis) Rs. 150.
30. Days of Destruction, Days of Revolt (by Chris Hedges and Joe Sacco, American history of slaughtering Red Indians). Rs. 595.
31. When Google met Wikileaks (by Julian Assange, on social impact of internet and freedom of publishing banned content). Rs.295.
32. Agitating the frame : Essays on Economy, Ideology, Sexuality and Cinema. Rs. 295.
R. Rare Books on Caste, Dr. B.R. Ambedkar and Buddhism
1. Reservations: Legal Perspective. Rs. 30.
2. Dr. Ambedkar on Indian History. Rs 30.
3. Ambedkar the Great. Rs 170.
4. Selected Speeches of Dr BR Ambedkar. Rs 60.
5. Dr Ambedkar on Jews and Negroes. Rs 10.
6. Buddhism in India after Dr BR Ambedkar (1956-2002). Rs 70.
7. Buddha and the Caste System. Rs 30.
8. Bodhisatva Baba Saheb Dr BR Ambedkar. Rs 60.
9. B.R. ambedkar Unique and Versatile. Rs 110.
10. History of Hindu Imperialism. Rs 150.
11. The Namasudras of Bengal. Rs 75.
12. The Founders of Indus Valley Civilization and their Later History. Rs 150.
13. Rise and Fall of Hindu Women. Rs 10.
14. Dhamma as told by Dr. Ambedkar. Rs 120.
15. Buddhist Cave Temples in India. Rs 25.
16. The Baba Saheb and the Untouchable Movement. Rs 250.
17. Castes in India: Their Mechanism, Genesis & Development. Rs 15.
18. Dalits after Partition. Rs 100.
19. Ethnology and Caste. Rs 40.
20. Understanding Bihar (from the perspective of a Dalit administrative officer) Rs 250.
21. How and Why Buddhism Declined in India? Rs 30.
22. Decline and Fall of Buddhism: A Tragedy in Ancient India. Rs 400.
23. Poona Pact of 1932. Rs 15.
24. A Study of Caste. Rs 100.
25. The Blue Book of Baba Saheb Dr B.R. Ambedkar. Rs 60.
26. The Native Indian in Search of Identity (a psychological study of Scheduled Castes and Scheduled Tribes). Rs 200.
27. Dr Ambedkar at the Round Table Conference London - 1930-1932. Rs 30.
28. Dhammapada: An Anthology of the Sayings of the Buddha. Rs 40.
29. Bamiyan Buddhas Senseless Destruction by Taliban. Rs 40.
30. Supreme Court on Reservation. Rs 50.
31. A Phenomenon Named Ambedkar. Rs 200.
32. Dr. Ambedkar on British Raj. Rs 60.
33. Dr. Ambedkar on Islam. Rs 30.
S. Studies on Dalits and Novel on Dr. Ambedkar:
1. Untouchable Past: Study on Satnami Caste and Untouchables in Central India. 400
2. Untouchable Citizens: Dalit Movements and Democratisation in Tamil Nadu. 400
3. Karamyogi Bharat Ratna Dr. B. R. Ambedkar (Historical Novel) by K.L. Kamal. 70.
T. Books by Dr. B.R. Ambedkar
1. What Congress & Gandhi Have Done to the Untouchables? 250
2. Pakistan or Partition of India 300
3. The Untouchables 200
4. Who were Shudras 200
5. Annihilation of Caste 50
6. Dr Ambedkar in Constituent Assembly 40
7. Castes in India 25
8. Thus Spoke Ambedkar (Volume 1) 400
9. Buddha or Karl Marx 25
10. Ranade, Gandhi & Jinnah 40
11. Federation versus Freedom 60
12. State and Minorities 200
13. Mr Gandhi and Emancipation of Untouchables 25
14. Selected Speeches of Dr BR Ambedkar (edited by DC Ahir) 60
15. Dr Ambedkar on Indian History (Edited by DC Ahir) 20
16 Buddha and his Dhamma 300.
Call M.: 8527533051, L. - 01123744243.

अगर मूलनिवासी समाज को न्याय दिलाना है तो...

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BBC published an article written by Prof Vivek Kumar about BAMCEF and its 32nd National Convention held in Ringnabodi      Nagpur at its own land ........

कहां बामसेफ के संस्थापक सदस्य कांशी राम के पास एक समय अपनी साइकिल में हवा भरवाने के लिए पांच पैसे नहीं थे.

संस्था को स्थापित करने के क्रम में वह ट्रेन के अनारक्षित डिब्बो में सफ़र करते थे, थैले में चप्पलों का तकिया बना के भूखे पेट सोना पड़ा था उन्हें कई बार. और बहुजन समाज को संगठित करने के लिए हज़ारों किलोमीटर पैदल और साइकिल पर गली-गली की खाक़ छाननी पड़ी थी.

उसी बामसेफ- बैकवर्ड एंड माइनॉरिटीज़ एमप्लाइज़ कम्यूनिटीज़ फेडरेशन– ने नागपुर में दिसंबर के आख़िरी सप्ताह (25 से 29 दिसंबर) में अपना 32वां सम्मेलन आयोजित किया.

खार्पडे ने बामसेफ आंदोलन को 'बहुजन' पहचान के साथ-साथ 'मूल निवासियों' से भी जोड़ने की कोशिश की.

मूल निवासी संकल्पना यह बताती है की, 'मनुवादी ही आर्य-आक्रान्ता है जिन्होंने यहां के 'मूलनिवासियों' को छल से सत्ता-संसाधन से वंचित कर दिया है. उनके आगमन से पहले 'मूल निवासी' इस भारतभूमि के स्वामी हुआ करते थे'.

अत: अगर मूलनिवासी समाज को न्याय दिलाना है तो तो फुले-अंबेडकरी विचारधारा के आधार पर मनुवादी सामाजिक संरचना का विखंडन करना होगा.

आज संस्था अपने विचारों के विस्तार के लिए पांच भाषाओं- हिंदी, अंग्रेज़ी, मराठी, पंजाबी एवं गुजराती भाषा में समाचार पत्र निकालती है. संस्था का अपना प्रकाशन विभाग भी है.28 एकड़ में फैला 'राष्ट्रीयता ज्योतिबा फूले सामाजिक क्रांति' परिसर, बामसेफ की अपनी संपत्ति है.

इस परिसर को संगठन के लोग कार्यकर्ता एवं नेतृत्व के त्याग की निशानी के तौर पर भी देखते हैं. परिसर के निर्माण के लिए अनेक सदस्यों ने अपनी तनख़्वाह दान में दी तो कुछ ने क़र्ज़ तक लिया.

लोगों का मानना है कि हालांकि पिछले 37 वर्षों में इसके सांगठनिक ढांचे में कई बदलाव हुए हैं फिर भी आज देश में यही एकमात्र ग़ैर राजनीतिक, ग़ैर अन्शनात्मक एवं ग़ैर धार्मिक संगठन है जो 1978 में अपनी औपचारिक स्थापना के बाद से लगातार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ी जातियों तथा धर्मान्तरित अल्पसंख्यक समाजों के सरकारी कर्मचारियों को संगठित करने में लगा हुआ है.संस्था में कई लोग 'संरचनात्मक राष्ट्रवाद' की झलक देखते हैं.

जीवन के 70 से ज़्यादा वसंत देख चुके कार्यकर्ता बड़े उत्साह से बताते हैं कि कैसे कांशी राम– जो संस्था के संस्थापकों में से एक थे– कैडर कैंपों और जनसभाओं में भारतीय समाज को पेन की तरह मानते थे. ढक्कन वाले पेन की उपमा दे कर वह बताते थे कि पेन का ढक्कन 15 प्रतिशत मनुवादियों को इंगित करता है जिन्होंने 85 प्रतिशत बहुजनों को धन, धरती, सत्ता आदि से वंचित कर दिया है.

वह कहते थे कि मनुस्मृति के आधार पर श्रेणीबद्ध असमान सामाजिक व्यवस्था तैयार की गई जिससे बहुजन समाज को छह हज़ार जातियों में विखंडित कर दिया गया.खार्पडे ने बामसेफ आंदोलन को 'बहुजन' पहचान के साथ-साथ 'मूल निवासियों' से भी जोड़ने की कोशिश की.

मूल निवासी संकल्पना यह बताती है की, 'मनुवादी ही आर्य-आक्रान्ता है जिन्होंने यहां के 'मूलनिवासियों' को छल से सत्ता-संसाधन से वंचित कर दिया है. उनके आगमन से पहले 'मूल निवासी' इस भारतभूमि के स्वामी हुआ करते थे'.

अत: अगर मूलनिवासी समाज को न्याय दिलाना है तो तो फुले-अंबेडकरी विचारधारा के आधार पर मनुवादी सामाजिक संरचना का विखंडन करना होगा.

आज संस्था अपने विचारों के विस्तार के लिए पांच भाषाओं- हिंदी, अंग्रेज़ी, मराठी, पंजाबी एवं गुजराती भाषा में समाचार पत्र निकालती है. संस्था का अपना प्रकाशन विभाग भी है.

Sunday, January 10, 2016

बसपा सरकार ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए किये गये योगदान (2007-2012)

आज की मेरी पोस्ट उन लोगो के लिए समर्पित है जो कहते है बसपा ने पत्थर लगाकर पैसा बर्बाद किया लेकिन जनता के लिए क्या किया।।बसपा ने अपनी सरकार के दोरान किये कामों की कुछ लिस्ट आपके ज्ञानार्जन के लिए भेज रहा हु।। फिर आप तय कीजिये कोन हमारा है और कोन नहीं।। और फिर कांग्रेस भाजपा ने आजादी के बाद जो किया है उनकी लिस्ट तैयार रखिये।।
ये काम है इस देश के बहुजन समाज की बेटी बहन कुमारी मायावती जी का ।।
बसपा सरकार ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए किये गये योगदान (2007-2012)

1) 88 हजार बी टी सी शिक्षकों की भर्ती की गयी |

2) 41 हज़ार कांस्टेबल की भर्ती हुई |

3) "कांशीराम शहरी आवास योजना" के तहत एक लाख एक हज़ार लोगों को आवास मिले |

4) जिला गौतम बुद्ध नगर में "गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय" की स्थापना की गयी |

5)108848 सफाईकर्मियों की भर्ती की गयी |

6)बुंदेलखंड में आई टी पॉलिटेक्निक की स्थापना की गयी |

7)महामाया तकनीकी विश्वविद्यालय गौतम बुद्ध नगर में स्थापित हुआ |

8)गरीब बस्तियों में 2000 सामुदायिक केंद्र खोले गए ।

9)प्रदेश के 20 जिलो में अम्बेडकर पी जी छात्रावास की स्थापना की गयी |

10)पंचशील बालक इंटर कॉलेज नॉएडा में खुला |

11)महामाया बालिका इंटर कॉलेज गौतम बुद्ध नगर में स्थापित हुआ |

12) डॉ भीमराव आंबेडकर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल , नॉएडा

13) मान्यवर कांशीराम जी यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी , बाँदा

14) मान्यवर कांशीराम गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज , गाज़ियाबाद

15) कांशीराम मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल , नॉएडा

16) नॉएडा एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ |

17 ) गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ |

18) यमुना एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ |

19) महामाया फ्लाईओवर का नॉएडा में निर्माण हुआ ।
20) 2195 गाँव में 3332 km की सड़को का निर्माण हुआ।

21) मान्यवर श्री कांशीराम जी उर्दू अरबी फ़ारसी यूनिवर्सिटी , लखनऊ

22)जौनपुर,
गाजियाबाद , कांशीरामनगर,कुशीनगर, बिजनौर, कन्नौज, फर्रुखाबाद ,मैनपुरी ,श्रावस्ती में राजकीय महाविद्यालय खोले गए

| 23) आतंकवाद से निपटने के लिए एटीएस(ATS) का गठन 2007 में किया गया था

24) लखनऊ जिला कारागार , आदर्श कारागार एवं नारी बंदी निकेतन का लोकार्पण मोहनलालगंज-गोसाईगंज मार्ग पर किया गया ।

25) कांशीरामजी राजकीय मेडिकल कॉलेज , सहारनपुर

26) मान्यवर श्री कांशीराम यूपी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ,लखनऊ

27) नगवा , वाराणसी में संत रविदास घाट का निर्माण

28) कन्नौज ,,बागपत , महाराजगंज , कौशाम्बी , बलरामपुर , सोनभद्र में जिला कारागार का निर्माण हुआ ।

29) मान्यवर कांशीराम जी इंस्टिट्यूट ऑफ़ पैरामेडिकल साइंसेज , झाँसी

30) 5 नए मेडिकल कॉलेज उरई ,कन्नौज ,आजमगढ़ ,बाँदा मे

31) सावित्रीबाई फुले गर्ल्स हॉस्टल , कानपुर 32) एससी ,एस टी गर्ल्स के लिए हॉस्टल का निर्माण हुआ , नॉएडा

33) भारत का पहला फार्मूला वन रेसिंग ट्रैक "बुद्धा इन्टर्नेशनल सर्किट" बनाया गया ।

34) मान्यवर श्री कांशीराम मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल , लखनऊ

35) मान्यवर श्री कांशीराम इंटरनेशनल कन्वेंशन सेण्टर का निर्माण हुआ ।

36) मान्यवर श्री कांशीराम मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल , ग्रेटर नॉएडा

37) डॉ शकुंतला मिश्रा उत्तर प्रदेश विकलांग विश्वविद्यालय ,लखनऊ

38) वृद्ध कल्याण नीति के अंतर्गत 60 वर्ष के ऊपर सभी बी पी एल व्यक्तियों को वृद्धावस्था पेंशन दिया गया ।

39) "सावित्री बाई फुले बालिका शिक्षा मदद योजना" के अंतर्गत बी पी एल परिवारों की बालिकाओं को आर्थिक सहायता तथा साइकिल प्रदान की गयी ।

40) वृद्ध महिलाओं के लिए प्रत्येक मंडल स्तर पर महिला भरण पोषण की दर 1800 से बढाकर 3600 रूपये वार्षिक की गयी ।

41) बेरोजगारों के लाभ हेतु कौशाम्बी , कन्नौज , औरैया , चित्रकूट , श्रावस्ती , बलरामपुर , संत कबीरनगर , ज्योतिबा फुले नगर , चंदौली तथा बागपत में रजिस्ट्रेशन सेंटर स्थापित किये गए ।

42) नवनिर्मित जनपद मान्यवर कांशीराम नगर में एम्प्लॉयमेंट ऑफिस स्थापित किया गया ।

43) मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र लखनऊ में स्थापित

44) प्रदेश में 60 जनपदों के परिवहन कार्यालय इंटरनेट की सुविधा से जोड़े जा चुके हैं ।

45) गोरखपुर तथा अलीगढ में होमियोपैथीक मेडिकल कॉलेज स्थापित किये गए ।

46) 153 नए राजकीय होमियोपैथी चिकित्सालयो की स्थापना ।

47) 1052 विकलांगो को उचित दर की दुकाने आवंटित की गयी ।

48 ) कन्नौज , बागपत , महाराजगंज , कौशाम्बी , बलरामपुर व सोनभद्र में जिला कारागारों का निर्माण हुआ ।

49 ) होमगार्ड स्वयंसेवको को दुर्घटना बीमा राशि 2 लाख से बढाकर 3 लाख की गयी ।

50 ) आशा योजना पूरे प्रदेश में लागू है । इस योजना के तहत 2007-10 तक 1,36,183 आशाओं का चयन किया गया ।

51 ) सिद्धार्थनगर , हाथरस एवं मऊ में ब्लड बैंक स्थापित किया गया ।

52 ) एच आई वी/एड्स से संक्रमित व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए 8 ड्रॉप इन सेण्टर इलाहबाद , लखनऊ , गोरखपुर , वाराणसी ,मऊ , देवरिया , इटावा ,बाँदा में स्थापित किये गए । इन रोगियों के इलाज के लिए 8 कम्युनिटी केअर सेंटर लखनऊ, कानपुर , अलीगढ , आगरा , गोरखपुर, वाराणसी , इलाहबाद , मेरठ में स्थापित किये गए ।

53 ) 12,244 शिक्षामित्र नियुक्त किये गए ।

54 ) 59, 690 बी टी सी अध्यापको का प्रशिक्षण करवा के भर्ती की गयी ।

55) लखनऊ व गाजियाबाद में हज़ हॉउस का निर्माण किया गया ।

56) एससी एसटी छात्रों के लिए नॉएडा में हॉस्टल स्थापित |

57) एशिया का सबसे बड़ा "सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट" लखनऊ मे सरक़ार ने बनवाया ।

58 ) राज्य सरकार द्वारा 140 मदरसों में मिनी आई टी आई की स्थापना की गयी ।

59 ) 169 मदरसों को मान्यता दी गयी ।

60 ) बायो फ़र्टिलाइज़र यूनिट की स्थापना लखनऊ मे की गयी ।

61) महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज
अब आप बताईये कि कांग्रेस और भाजपा सरकारों ने देश में ६० सालों में कितना विकास कराया?जितना कार्य बसपा ने ५साल में उत्तरप्रदेश में कराया।
सच बात तो ये है कि सम्राट अशोक के बाद अगर कोई प्रशासक हुआ तो वो केवल मायावती ही हैं।

Friday, January 8, 2016

मान्यवर कांशीराम साहब के जीवन पर्यंत संघर्ष का मुख्य मकसद

🐘कांशीराम साहब की जुबानी🐘

🙏सभी साथियो से अनुरोध है की इस पोस्ट को समय निकालकर पूरा पढ़े ....

🌹मान्यवर कांशीराम साहब के जीवन पर्यंत संघर्ष का मुख्य मकसद था सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन लाना. उनका मकसद था एक ऐसा समाज बनाना जो समता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व पर आधारित हो. अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए वे सत्ता को एक साधन मानते थे. लेकिन उनके सामने अनेक कठिनाइयाँ थीं. अपने संघर्ष और लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वे मनी, माफिया और मीडिया को सबसे बड़ा रोड़ा मानते थे. उन्होंने इनसे मुकाबला करने के लिए अलग-अलग रणनीति बनायीं, साथ ही बहुजन समाज के लोगों को इन तीनों से सावधान रहने का आह्वान किया. हम यहाँ अन्य बिन्दुओं पर विस्तार में जाने की बजाय उन घटनाओं की ओर आपका का ध्यान आकृष्ट करना चाहते हैं जिनसे आप जान सकें कि मान्यवर कांशीराम साहब ने किस-किस प्रकार की परिस्थितियों का सामना करके चुनावों में सफलता के कीर्तिमान स्थापित किये. और बहुजन समाज को सत्ता के मंदिर तक पहुँचाने के लिए मजबूत आधार प्रदान किया. 
लोकसभा चुनाव 1984 में मान्यवर कांशीराम ने पहला लोकसभा चुनाव "जांजगीर मध्यप्रदेश" से लड़ा था. मान्यवर के शब्दों में "लोकसभा चुनाव 1984 के लिए हमारे पास न पैसा था, न संगठन औरन ही कोई शक्ति लेकिन, फिर भी हमने हिम्मत और हौसला करके अपने कुछ उम्मीदवार खड़े किये. छतीसगढ़ में कुछ साथियों को, जो मेरे साथ चल रहे थे उनको लड़ाने के लिए मैं उधर पहुंचा. लेकिन छत्तिसगढ़ के लोग थे वो तो पक्के कांग्रेसी थे. श्री खुंटे (टी. आर. खुंटे) को लड़ाने के लिए मैं उधर गया था और उसके ही घर में ही मेरे ठहरने की व्यवस्था थी. उधर उसके बाप ने घर के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी, यह कहते हुए कि मेरे लड़के का दिमाग ख़राब हो गया है, ये कांशीराम के चक्कर में आ गया है. यह बहुजन समाज पार्टी से चुनाव लड़ना चाहता है, मैं कांग्रेस वालों को क्या जवाब दूंगा. इस तरह वह बेचारा भूख हड़ताल पर बैठा था और उसी के घर पर मैं ठहरा हुआ था तो, मैंने सोचा कि भई मुझे क्या करना चाहिए. जिसको लड़ाने के लिए मैं वहां गया था जब वह नहीं लड़ा तो मैंने सोचा कि मैं तो इसे लड़ाने के लिए यहाँ तैयारी करके आया हूँ. अब ये नहीं लड़ रहा है तो मुझे क्या करना चाहिए. मैंने सोचा कि नामांकन का आज आखिरी दिन है, तो अब मुझे ही लड़ना चाहिए लेकिन, उस वक्त तो मेरे पास नामांकन के दौरान अनामत राशि भरने का पैसा नहीं था. मैंने उधर चादर बिछाई और बहुजन समाज के जिन लोगों को मैंने तैयार किया था उनसे अपील किया कि आप लोग इस चादर पर थोड़ा-थोड़ा पैसा डालें ताकि मैं 500 रूपये जमा करके अपना नामांकन कर सकूं. जब वहाँ उन्होंने पैसा डाला और मैंने गिना तो 700 रुपया हो गया. उसमें से 500 रूपये डिपोजिट भर दिया और 200 रूपये में मैंने एक साइकिल खरीद ली क्योंकि अब मुझे प्रचार भी करना था. इसलिए मेरे पास साईकिल भी होना जरूरी चाहिए. मैंने सोचा बाकि कर्मचारियों के पास अपनी- अपनी साइकिलें हैं, हम इकट्ठे होकर साइकिल से प्रचार करेंगे. इस तरह से साथियों ! हम लोगों ने प्रचार शुरू कर दिया और मुझे 32 हजार वोट मिले."

🌹हरिद्वार लोकसभा चुनाव 1987.
   1987 में हरिद्वार लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव हुआ.कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश का गृहमंत्री चुनाव मैदान में उतारा, तब कांग्रेस का मुकाबला करने के लिए सारी विपक्षियों को मिलकर चुनाव लड़ना पड़ता था.उन सभी विपक्षियों ने रामविलास पासवान को खड़ा किया. उन्होंने रामविलास पासवान को चुनाव मैदान में उतारने से पहले हरिद्वार में हर की पौड़ी पर गंगा स्नान करवाया. ठाकुर चंद्रशेखर ने पासवान को कंधे पर बैठाकर स्नान कराया और पंडितों ने आशीर्वाद दिया कि 'इसने पवित्र जगह से स्नान किया है, इसलिए यह जरूर जीतेगा.' कांग्रेस वाले प्रत्याशी ने भी कहा कि 'मैं तो इधर गंगा किनारे ही पैदा हुआ हूँ, मैं तो हमेशा गंगा में ही स्नान करता रहा हूँ ऐसा करके मैं भी जीतूँगा.' तब (व्यंग करते हुए) मैं भी मायावती को उनसे एक फर्लांग ऊपर लेकर गया. मैंने कहा कि वे जिधर नहाये हैं, उधर गंगा गन्दी हो चुकी है इसलिए इधर गंगा साफ है इधर आप स्नान करो ताकि मैं घोषणा कर सकूं कि हमारा उम्मीदवार जीतेगा (मा.कांशीराम साहब अपने भाषणों में अक्सर इस तरह के अन्ध विश्वासों पर व्यंग करते थे). 
अब चुनाव में खर्च करने के लिए हमारे पास कोई पैसे नहीं. चुनाव आने तक हम एक-एक, दो-दो, पांच-पांच रुपया इकठ्ठा करते रहे. मैंने पार्लियामेंट के अन्दर पड़ने वाले विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से पांच चुनाव कार्यालय खोलकर सिल्वर के बर्तन इकट्ठे करके रखे थे कि इन पांच जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए लंगर चलाऊंगा.परन्तु चुनाव ख़त्म हो गया आखिर तक हम लंगर नहीं चला सके. मेरे पास साईकिल थी तो मैं कुछ कार्यकर्ताओं को लेकर जगह-जगह घूमता था.मायावती को साइकिल चलाना नहीं आता था तो वो बस से घूमती थी. तब मायावती ने मुझे बताया कि 'प्रत्याशी को बस में घूमने से बेइज्जती होती है क्योंकि, मैं बस में घूमती हूँ तो लोग कहते हैं कि देखो ये चुनाव लड़ रही है'. चुनाव तक मैंने एक गाड़ी लेनी चाही लेकिन आखिर तक हम वह गाड़ी भी नहीं ले सके. पांच दिन चुनाव के रह गये. हमें एक पुरानी टूटी सी जीप किराये पर मिली जो इतनी ख़राब थी कि उसमें तेल की टंकी की जगह पीपी रखी थी. तब मायावती ने बताया की इस जीप में आग लग गयी तो मैं कहाँ जाऊँगी. मैंने उस जीप में बैठने के लिए मायावती को तैयार किया. इसके बाद सारे देश भर से पार्टी समर्थक कार्यकर्ताओं ने थोड़ा-थोड़ा पैसा भेजा जो, आखिर तक मेरे पास कुल 87000 रुपया इकठ्ठा हुआ जिससे हमने वह चुनाव लड़ा. उस 87000 रुपया खर्च करने पर सुश्री मायावती को 1.36.000 (एक लाख छत्तीस हजार) वोट पड़े. जबकि नोटों वाली कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को १ लाख 49 हजार और सारी विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवार रामविलास पासवान को मात्र 32 हजार वोट पड़े. इस तरह मात्र 13 हजार वोट के अन्तर से (सुश्री) मायावती को हारना पड़ा. यह 23 मार्च 1987 की कहानी है. इसके बाद मैं हमेशा पश्चाता रहा कि अगर मेरे पास एक लाख रूपये भी होता तो मैं मायावती को सांसद बना देता. फिर (सुश्री) मायावती को दो साल इन्तजार करना पड़ा. 
🌹1989 में हरिद्वार की बजाय हरिद्वार से लगी हुयी पार्लियामेंट की बिजनौर सीट से वह पार्लियामेंट मेम्बर बनीं.

🌹इलाहाबाद लोकसभा चुनाव 1988
  हरिद्वार उपचुनाव के बाद 1988में इलाहबाद संसदीय सीट का उपचुनाव हुआ. वहां से मैंने अपना नामांकन भरा. जहाँ एक तरफ कांग्रेस पार्टी मैदान में थी तो दूसरी तरफ सारी विपक्षी पार्टियों की ओर से वी. पी. सिंह चुनाव मैदान में थे जिनके पास खर्च करने को करोड़ों रूपये थे. हमारे पास वहां पर भी पैसों की कमी थी. तब वहां पर मैंने चुनाव के लिए एक डिब्बा ख़रीदा और एक रेड़ी किराये पर लिया. रेड़ी पर हारमोनियम लेकर गाना गानेवालों का साज-बाज रखा और मैं उस रेड़ी के पीछे-पीछे 'एक वोट के साथ एक नोट' डालनेवाला डिब्बा लेकर चला. गाना गानेवाले साथ-साथ चलते हुए कहते थे कि 'नोट भी दे दो और वोट भी दे दो'. इस प्रकार तब मैंने गाँव-गाँव, गली-गली घूमकर बहुजन समाज के लोगों से अपील की कि मैं निर्धन समाज की ओर से उमीदवार खड़ा हूँ. मेरा बहुजन समाज निर्धन समाज है. हमारा (निर्धन समाज का) मुकाबला धनवानों (मनुवादी समाज)से है. मैं अभी आप लोगों से वोट मांगने आया हूँ. आपको यदि मुझे एक वोट डालना है तो उससे पहले मुझे अपने वोट के साथ एक नोट भी डालना है. आप निर्धन समाज के लोग हैं इसलिए आपको यदि मुझे वोट डालना है तो अभी से मन बना लें और एक वोट के साथ एक नोट भी डालना है.हमारा चुनाव भर में यह कार्यक्रम चलेगा. इसके बाद चुनाव आयोग की ओर से वोट के लिए मतदान-पत्र का डिब्बा आयेगा. इसलिए इससे पहले मुझे अपना एक नोट के साथ एक वोट भी डालें ताकि मैं अंदाजा लगा सकूँ कि मुझे मेरे निर्धन समाज का इतना वोट जरूर मिलेगा. इसके साथ-साथ हमारे कुछ पेन्टर कार्यकर्ता भी आये. उनको मैंने बोला कि वइलाहबाद की हर दीवार पर हाथी बना दो.उन्होंने इलाहबाद की दीवारों पर एक लाख हाथी बना दिये. इसके आलावा हमारा कोई प्रचार नहीं था. उन हाथियों को देखकर अख़बार वाले भी कुछ लिखने लग ये कि कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों के वी. पी. सिंह के आलावा बहुजन समाज पार्टी का कांशीराम भी चुनाव मैदान में है. जब चुनाव का दिन आया तो वोट पड़ने के बाद इलेक्शन कमिश्नर ने अपने डिब्बे में वोट गिनकर घोषणा की कि डिब्बे में से कांशीराम के 86 हजार नोट निकले जबकि कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के मात्र 92 हजार वोट निकले. कांग्रेस पार्टी के मुझसे मात्र 6 हजार वोट ज्यादा निकले. तब थोड़े से ज्यादा वोट लेकर विपक्षी पार्टियों का उम्मीदवार वी. पी. सिंह जीत गया. 

🌹इटावा लोकसभा चुनाव 1991
मान्यवर अब तक जितने चुनाव लड़े थे वह समाज को तैयार करने और उसका हौसला बढ़ाने की दृष्टि से लड़ते आये थे. उनका मानना था कि जब तक बहुजन समाज के 50 सांसद जीतकर नहीं पहुँचते तब तक मुझे संसद में नहीं जाना चाहिए. उनका कहना था कि मैं अपने बहुजन समाज को तैयार करके पूरी ताकत के साथ संसद में जाऊंगा. परन्तु 1991 के लोकसभा चुनावों के बाद पूरे पूरे देश के कार्यकर्ताओं ने मा. कांशीराम साहब से व्यक्तिगत मुलाकातें करके आग्रह किया कि सामाजिक परिवर्तन की लहर को आगे बढाने के लिए आपका लोकसभा में जाना जरुरी है. अत: अपने निकट सहयोगियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं की इच्छा को देखते हुए मान्यवर कांशीराम साहब ने इटावा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया. इटावा में हो रही चुनावी सभाओं में मान्यवर ने ऐलान किया कर दिया था- "अभी तक मैंने समाज को तैयार करने के लिए इलाहबाद में वी. पी. सिंह, अमेठी में राजीव गाँधी व  पूर्वी दिल्ली में एच. के. एल. भगत के मुकाबले चुनाव लड़ा किन्तु, अब मैं इटावा से चुनाव जीतने के लिए लड़ रहा हूँ. हमें यह चुनाव जीतना है. कार्यकर्ताओं को भी निर्देश है- 'करो या मरो'. अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो समाज का मनोबल ऊँचा नहीं कर गपाएंगे. इसलिए हमें बहुजन समाज का मनोबल बढ़ाने के लिए पूरी ताकत तो लगानी ही होगी." इस चुनाव में मान्यवर कांशीराम के मुकाबले समाजवादी जनता पार्टी का रामसिंह शक्य, भाजपा का लाल सिंह वर्मा और कांग्रेस का शंकर तिवारी था. इस मुकाबले में कड़े संघर्ष के बावजूद भी 
🌹मा. कांशीराम साहब ने भाजपा के उम्मीदवार को 21951 मतों से हराकर विजय हासिल की.मान्यवर की जीत से कार्यकर्ताओं तथा लोगों में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी. 
लोगों का आभार व्यक्त करते हुए मान्यवर ने सार्वजानिक पत्र लिखा- "इटावा लोकसभा चुनाव में सफलता से बहुजन समाज में हर्षोल्लास का वातावरण निर्माण हुआ. इस सन्दर्भ में देश-विदेश से असंख्य बधाई-पत्र तथा टेलीग्राम प्राप्त हुए हैं. इन तमाम बधाई-पत्रों तथा टेलीग्राम का प्रत्यक्ष जवाब देना तो मेरे लिए असंभव है. बहुजन समाज निर्माण की प्रक्रिया में जुड़े हुए तमाम साथियों, हित चिंतकों तथा मित्रों का मैं अत्यंत आभारी हूँ. शुभ कामनाओं के साथ, जय भीम". 

🌹इस तरह मान्यवर कांशीराम साहब ने अपने पास उपलब्ध छोटे-छोटे साधनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करके तथा धनवानों से मुकाबला करने के लिए अपने निर्धन समाज से थोड़ा- थोड़ा धन का बंदोबस्त करके अपने विरोधियों परास्त किया और सफलता के कीर्तिमान स्थापित किये. मान्यवर कांशीराम साहब का सांसद में प्रवेश बहुजन नायक 

🌹मान्यवर कांशीराम साहब ने 20 नवम्बर, 1991 को प्रात : 11 बजे संसद में उस समय पहला कदम रखा जब संसद में सभी सांसद सदस्य प्रवेश कर चुके थे. संसद के मुख्य द्वार पर जैसे ही मान्यवर पहुंचे तो सैकड़ों पत्रकार, फोटो ग्राफर आदि ने उन्हें घेर लिया. कुछ देर फोटोग्राफरों ने इतने फोटो खींचे की बिजली की सी चका- चौंध होती रही. इसके बाद संसद की सीढियाँ चढ़ते हुए भी फोटोग्राफरों के फोटो खींचें जाने के कारण उन्हें हर सीढ़ी पर रुक-रुक कर आगे बढ़ना पड़ रहा था. पत्रकारों की निगाह में भी अब तक सांसद तो बहुत जीत कर आते रहे किन्तु कांशीराम साहब की जीत के मायने ही कुछ और थे. इसलिए उनके इंतजार में आज पत्रकार 10 बजे से ही खड़े थे. इसके बाद आगे बढ़ते हुए 

🌹मान्यवर कांशीराम साहब ने जब संसद के मुख्य हाल में प्रवेश किया तो सबसे पहले लोकसभा अध्यक्ष श्री शिवराज पाटिल अपनी सीट छोडकर उन्हें लेने पहुंचे और उनसे हाथ मिलाया. मुख्य हाल में प्रवेश करते ही अन्दर बैठे सभी सांसदों ने अपने स्थान में खड़े होकर इस तरह स्वागत किया जैसे संसद में प्रधानमंत्री के स्वागत में खड़े हुए हों. प्रधानमंत्री श्री पी. वी. नरसिम्हाराव और अन्य पार्टियों के सभी बड़े नेता भी आगे बढ़कर मा. कांशीरामजी से हाथ मिलाये. शून्यकाल से पहले जब मान्यवर साहब को शपथ दिलायी गयी तो उस वक्त भी संसद तालियों से गूंज उठा. मान्यवर ने अंग्रेजी में "सत्यनिष्ठा" की शपथ ली थी. इस तरह उन्होंने न केवल शून्य से शिखर तक का रास्ता तय किया अपितु भारतीय राजनीति में उनकी इस आगाज ने देश की राजनीति की दिशा भी बदल दी ।

( मा कांसी रामजी के भाषण की CD से साभार) 

🙏मा.साहब के एतिहासिक  साहस को नमन तथा नमन उस बहुजन समाज को जिसने फुले-शाहू आंबेडकर और कांशीराम साहब की विचारधारा को समझा और जो समझकर इनकी विचारधारा को जन जन तक पहुँचाने में लगे हैं ।

Thursday, January 7, 2016

बसपा और ब्राह्मण..

बसपा और ब्राह्मण..
आपकी क्या राय है? (कृपया पूरा लेख विस्तार से पढ़ कर ही अपनी राय दें. आपकी राय अति महत्वपूर्ण है)
कुछ लोग कहते है कि मान्यवर कांशी राम जी की मृत्यु के बाद बसपा ब्राह्मण पार्टी बन गयी। और बहन जी को दोषी बताते हुए उनका विरोध करते हैं. मैं उनको बताना चाहता हूँ की श्री सतीशचंद्र मिश्रा जी को मान्वयर कांशीरामजी के उपस्थिती में ही सन 2002 को पार्टी में शामिल कर लिया था.. उससे पहले सन 1986 में ही टोपैझ कंपनी के मालिक जयंत मल्होत्रा नामक इस सवर्ण हिंदू को मान्यवर कांशीरामजी ने बसपा में शामिल कर लिया था और उसके बाद उन्हें राज्यसभा में एम.पी. बनाकर भेज दिया था.. जो आज भी राज्यसभा के रिकार्ड में दर्ज है.
फिर उसके बाद ब्राम्हणों की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के साथ समझौता करके उ.प्र. में बसपा की सरकार बनायी.. 4 महिने के बाद बसपा की सरकार गिर जाने के बाद मान्यवर कांशीरामजी ने सन 1995 में श्री रामविवर उपाध्याय और सीमा उपाध्याय जी इन दो ब्राम्हणों को पार्टी में शामिल कर लिया था.. और हाथरस इस लोकसभा से उन्हें उम्मीदवार भी बनाया था. और लोकसभा में भी चुनाव जीतकर पहुंचाया था.. इसके तुरंत बाद श्री ब्रजेश पाठक भी पार्टी में मान्वयर कांशीरामजी के उपस्थिती में शामिल हुए थे.. बाद में 2002 में मान्वयर कांशीरामजीने उ.प्र. के विधानसभा चुनाव में 37 टिकिटे ब्राम्हणों को दी.. 10 सीटे वैश्य को दी.. और 15 सीटे क्षत्रियों को देकर सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय का नारा उसी वक्त बुलंद किया था.. मान्वयर कांशीराम जी के ही सिद्धांतो पर बहन मायावतीजी चल रही हैं..
बाबासाहब ने ब्राम्हण श्री राजेंद्र प्रसाद के हाथों 1951 में मिलिंद कॉलेज का उद्घाटन किया था.. उससे पहले बाबासाहब ने 1925 में समता समाज संघ इस संगठन की स्थापना की थी.. जिसमें उन्होंने ब्राम्हणों को भी शामिल करने की बात की थी.. इसी साल बाबासाहब ने लोकमान्य तिलक के बड़े लड़के श्रीधर पंत तिलक को पुना जिले का समता समाज संघ का अध्यक्ष भी बनाया था.. ऐसा करके सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय का नारा इस देश में पहली बार बाबासाहब ने बुलंद किया था..
बाबासाहब से लेकर बहन मायावतीजी का एक ही उद्देश रहा है की.. इस देश के शोषित वंचित दमित पिडित दुःखी गरीब लोगों को इस देश का हुक्मरान समाज बनाया जाए और इस देश में समतामूलक समाज की स्थापना कि जाए.. जिनकी संख्या इस देश की लोकसंख्या के अनुपात में 85 प्रतिशत है, चाहे वो कोई भी समाज से हो.. या कोई भी धर्म से हो.. या कोई भी पंथ से हो. क्योंकी तथागत बुद्ध, सम्राट अशोक, संत कबीर, संत रविदास, गुरुनानक, महात्मा फुले, शाहू महाराज,, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, मान्यवर कांशीरामजी और ये सब महापुरुष इस देश में जातिविहिन समाज की रचना चाहते थे..
इसलिए बहन मायावतीजी ने समय के अनुसार प्रचार में परिवर्तन करके "सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय" का नारा इस देश में फिरसे बुलंद किया है. क्योंकी बाबासाहब ने सन 15 अक्तूबर 1956 को नागपूर के दीक्षाभूमी में कहा था की.. "हमें समय के बदलती परिस्थिती के अनुसार प्रचार में परिवर्तन करना चाहिए...
तो साथियों बहन जी उसी राह पर चल रही हैं जो उन्हें बाबा साहब एवं मान्यवर कांशीराम जी ने दिखाई थी. बहन जी पर आरोप लगाने वाले लोग राजनीति से प्रेरित हैं. उन की बातों में बिल्कुल भी मत आएँ. बसपा को चुनें और हाथी पर ही बटन दबाएँ.
जय भीम 
जय कांशीराम

Tuesday, January 5, 2016

मायावती ने 45 लाख लङकियो के जीवन मे ङाली खुशिया!

[8:51am, 05/01/2016] ‪+91 85742 88642‬: मायावती ने 45 लाख लङकियो के जीवन मे ङाली खुशिया! मायावती द्वारा गरीब परिवार मे जन्म लेनी वाली लङकियो के नाम पर एक बीमा कराया जब ये लङकिया 18 वर्षो की हो जायेगी तो इन्ह 45 लाख लङकियो को एक -एक लाख रुपये सरकार द्वारा दिये जायेगे इस योजना के शुरु होने से लङकियो के जन्म को बोझ नही समझा जायेगा इस योजना पर 1 खरब 62 अरब रुपये खर्च किये गये एक योजना मोदी ने चलायी बेटी बचाओ बेटी पढाओ इस योजना के प्रचार कराने मे मोदी ने 100 करोङ रुपये खर्च कर दिये पर लङकियो पर एक रुपया खर्च नही किया यही 100 करोङ रुपये प्रचार मे खर्च ना करके लङकिये की शिश्रा पर खर्च कर देते तो लङकिया आगे बढ जाती ये ही फर्क है मायावती और मोदी मे, मोदी लङकियो का नाम लेकर अपनी पार्टी का प्रचार मे 100 करोङ रुपये खर्च करती है और मायावती लङकियो पर 1 खरब 62 अरब रुपये खर्च करती है!

[8:55am, 05/01/2016] ‪+91 85742 88642‬: जय भीम....
मायावती द्वारा बनाया गया गौतम बुद्ध विश्वविधालय 2555 बीगे भूमि मे बना है जिसमे 50 हजार से अधिक पेङ पौधे लगे है गरीबो के लिये शुल्क मे 50% छूट व छाञवृत्ति की व्यवश्था की गयी है इस विश्वविधालय के छाञो को उत्तर प्रदेश शासन के खर्च पर एक सेमेस्टर के लिये विदेश मे शिश्रा दिलायी जाति है इस विश्वविधालय मे 1 लाख 40 हजार वर्ग फुट मे एक ऐसी लाइब्रेरी बनायी गयी है जिसमे 2 हजार छाञ एक साथ पढ सकते है और यह लाईब्रेरी कम्प्यूटर प्रणाली से चलने वाली भारत की सबसे विशाल लाईब्रेरी है और यह पहला ऐसा विश्वविधालय है जहाँ वोकेशनल शिश्रा पद्धति से पी.एच.ङी की जा सकती है ये होता है विकाश इसके लिये 56 इंच के सिना नही चाहिये इसके लिये एक सोच चाहिये मायावती की इस सोच ने एक इतिहास रचा है ! Rajat Bouddh

Monday, January 4, 2016

Bahujan movement and Mission 2017

Expectations from Assembly constituency level Politicians . (Mission 2017)
🐘🐘🐘🐘🐘
........
1.Bahujan politicians should receive maximum number of  phone calls of commoners of their area.Now use of smartphone is necessary to use social media to save a lot of energy, time and resources. 
2.They should check missed calls and call back.
3.They should save at least 5000 numbers of their area.10 or 20 mobile numbers of every village,all important officers of the area and religious institutions.
4.At least 25 to 50 outgoing calls to help the needy.
5.2 hours daily for social media.
6.Newspapers reading and inclusion of relevant steps in daily routine.
7.Visit places of atrocities.Attending and organising  Pay back to society meetings in area to get feedback and expectations.
8.visit Blocks,Thanas ,tehsils and vikas bhawans and other important places as much as you can to help the aggrieved.
9.Shake hand with everybody with a victorious welcome without any reservations.
10.Attend and organise at least one meeting daily.Organise seminars and meetings associated with all great  personalities associated with Bahujan movement.
11.Keep in touch with all friends and relatives in times of pleasures and pain.
12.Maintain record of birthdays,important events like marriage and wedding anniversaries of
 nears and dears working as team members.
13.Daily new members and friends should be added to get the benefit.
14.No bitter words to the careless team members.Working should be through appreciation,expectation ,Corrective approach,rewards and cooperation.
15.Accept feedback about your working daily and add the requirements.Any justified demand can be fulfilled with the help of social media and good conduct.
16.Try to meet everybody at your residence.In absence some family member /well behaved son,daughter or wife should listen to the aggrieved people and inform you to respond to the problems.
17.Identify the development problems of your area .
18.Identify the problems of all sections like labourers, Kisan, govt servants,pensioners,rickshaw pullers,teachers,Advocates, doctors and other people expecting better governance.
19.Knowledge of expectations of new generation through TV,books and travelling.
20.Develop good oratory skill and convincing skill to maintain smooth interaction with people around. 
21.Clarity of programme ,contribution and manifesto should be told to the people from bottom to top.
22.Ill tempered people have no future in democratic working.Devise local means and ways to accumulate popularity without any compromise with missionary discipline.
23.New generation wants work .Sycophancy and emotional appeals do not  work everytime.
Note: Please share it without any name  for the success of mission 2017
, Please translate in Hindi also

Mission 2017
🐘🐘🐘

Fwd: Jobs in 2016 by Bhagat Jobs Network



---------- Forwarded message ----------
From: Nikhil Sablania <sablania.nikhil@gmail.com>
Date: Tuesday, January 5, 2016
Subject: Jobs in 2016 by Bhagat Jobs Network
To: sablania.nikhil.amne@blogger.com, ambedkartimes <sablanian2@gmail.com>, Chanchal Sablania <sablaniac@gmail.com>


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Bhagat Mahasabha Govt.Jobs Updates Free Service to Megh samaj. 02.01.2016
Prof.Raj Kumar Bhagat,National President,Bhagat mahasabha(Regd.).
* Reserve Bank of India – RBI Recruitment 2016 – Technical Attendant Vacancy – Last Date 13 January 2016
* Pawan Hans Limited Recruitment 2016 – 03 Jr. Assistant/Steno-Typist Vacancy – Last Date 15 January 2016
* Lok Nayak Hospital (Government of Delhi) Recruitment 2016 – 10 Senior Residents Vacancy – Walk-in-Interview 06 January 2016
* Assistant Professor vacancy in NIT Srinagar last date 15th Feb-2016
* Punjab PSC Lecturer Technical Education vacancy last date 20th Jan-2016
* Faculty and other posts in BGSBU Rajouri last date 16th Jan-2016
* BGSBU Rajouri Faculty posts last date 20th Jan-2016
* BGSBU Rajouri Faculty posts last date 20th Jan-2016
* Various Job vacancies by Himachal High-Court last date 8th Jan-2016
* Faculty vacancy in Anand Agricultural University last date 30th Jan-2016
* AIIMS Bhubaneswar Special Drive for Staff Nurse post last date 5th Feb-2016
* Airports Authority of India – AAI Recruitment 2016 – 200 Junior Executive (ATC) Vacancy – Last Date 09 February 2016
* Union Bank Development Leader vacancy last date 2nd Jan-2016
* Steel Authority of India – SAIL Recruitment 2016 – Aircraft Maintenance Manager Vacancy – Last Date 05 January 2016
* Directorate of Medical Education Recruitment 2016 – 59 Demonstrator Vacancies – Last Date 12 January 2016
* National Institute of Malaria Research – NIMR Recruitment 2016 – 06 Laboratory Technician, Data Entry Operator & Various Vacancies – Walk-in-Interview 05 & 06 January
* Deep Chand Bandhu Hospital (Government of Delhi) Recruitment 2016 – 12 Senior Resident & Junior Resident Vacancy – Walk-in-Interview 05 January 2016
* National Research Centre for Citrus – NRCC Recruitment 2016 – Technical Field Assistant Vacancy – Walk-in-Interview 05 January
* WAPCOS Limited Recruitment 2016 – 15 Junior Engineer Vacancy – Last Date 05 January 2016
* Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University – GADVASU Recruitment 2016 – 02 Veterinary Instructor Vacancy – Walk-in-Interview 08 January 2016
* Reserve Bank of India – RBI Recruitment 2016 – Technical Attendant Vacancy – Last Date 13 January
* MP PSC District Public Prosecution Officer recruitment last date 13th Feb-2016
* Engineer recruitment in Bangalore Metro Rail last date 6th Jan-2016
* Syndicate Bank Probationary Officers posts by Diploma in Banking 2015
* Job posts in Hindustan Insecticides Limited last date 14th Jan-2016
* RVSKVV Faculty and other Job posts last date 1st Feb-2016
* UPSC Recruitment 2016 – 22 Chemical Examiners, Specialist Grade-III Assistant Professors & Various Vacancies – Last Date 14 January
* Specialist Officer posts in Canara Bank last date 12th Jan-2016
* Various Job posts in Bureau of Indian Standards last date 1st Feb-2016
* Civil Engineer Jobs in Konkan Railway Kashmir project last date 12th Jan-2016
* Recruitment for Job posts by UP PSC last date 21st Jan-2016
Bhagat Mahasabha Govt.Jobs Updates Free Service to Megh samaj. 02.01.2016
Prof.Raj Kumar Bhagat,National President,Bhagat mahasabha(Regd.).
* Reserve Bank of India – RBI Recruitment 2016 – Technical Attendant Vacancy – Last Date 13 January 2016
* Pawan Hans Limited Recruitment 2016 – 03 Jr. Assistant/Steno-Typist Vacancy – Last Date 15 January 2016
* Lok Nayak Hospital (Government of Delhi) Recruitment 2016 – 10 Senior Residents Vacancy – Walk-in-Interview 06 January 2016
* Assistant Professor vacancy in NIT Srinagar last date 15th Feb-2016
* Punjab PSC Lecturer Technical Education vacancy last date 20th Jan-2016
* Faculty and other posts in BGSBU Rajouri last date 16th Jan-2016
* BGSBU Rajouri Faculty posts last date 20th Jan-2016
* BGSBU Rajouri Faculty posts last date 20th Jan-2016
* Various Job vacancies by Himachal High-Court last date 8th Jan-2016
[02/01 12:23 am] Prof.Raj Kumar Bhagat: * Faculty vacancy in Anand Agricultural University last date 30th Jan-2016
* AIIMS Bhubaneswar Special Drive for Staff Nurse post last date 5th Feb-2016
* Airports Authority of India – AAI Recruitment 2016 – 200 Junior Executive (ATC) Vacancy – Last Date 09 February 2016
* Union Bank Development Leader vacancy last date 2nd Jan-2016
* Steel Authority of India – SAIL Recruitment 2016 – Aircraft Maintenance Manager Vacancy – Last Date 05 January 2016
* Directorate of Medical Education Recruitment 2016 – 59 Demonstrator Vacancies – Last Date 12 January 2016
* National Institute of Malaria Research – NIMR Recruitment 2016 – 06 Laboratory Technician, Data Entry Operator & Various Vacancies – Walk-in-Interview 05 & 06 January
* Deep Chand Bandhu Hospital (Government of Delhi) Recruitment 2016 – 12 Senior Resident & Junior Resident Vacancy – Walk-in-Interview 05 January 2016
* National Research Centre for Citrus – NRCC Recruitment 2016 – Technical Field Assistant Vacancy – Walk-in-Interview 05 January
* WAPCOS Limited Recruitment 2016 – 15 Junior Engineer Vacancy – Last Date 05 January 2016
* Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University – GADVASU Recruitment 2016 – 02 Veterinary Instructor Vacancy – Walk-in-Interview 08 January 2016
* Reserve Bank of India – RBI Recruitment 2016 – Technical Attendant Vacancy – Last Date 13 January
* MP PSC District Public Prosecution Officer recruitment last date 13th Feb-2016
* Engineer recruitment in Bangalore Metro Rail last date 6th Jan-2016
* Syndicate Bank Probationary Officers posts by Diploma in Banking 2015
* Job posts in Hindustan Insecticides Limited last date 14th Jan-2016
* RVSKVV Faculty and other Job posts last date 1st Feb-2016
* UPSC Recruitment 2016 – 22 Chemical Examiners, Specialist Grade-III Assistant Professors & Various Vacancies – Last Date 14 January
* Specialist Officer posts in Canara Bank last date 12th Jan-2016
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* Civil Engineer Jobs in Konkan Railway Kashmir project last date 12th Jan-2016
* Recruitment for Job posts by UP PSC last date 21st Jan-2016